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स्लाटर हाउस सीज होने से 40 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 12 2018 11:55AM
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बागेश्वर. प्रशासन का डंडा इस बार नगर के स्लाटर हाउस पर चला. जिससे बड़ी मात्रा में मीट की दुकानों पर ताले लटक गये हैं. वहीं इस पूरी कार्रवाई के बाद कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है. जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने इस समस्या का प्रशासन से जल्द हल निकालने को कहा. मांग पूरी नहीं होने की दशा में आंदोलन करने की भी चेतावनी दी.

बागेश्वर का मीट मार्केट भागीरथी नाले के ऊपर बनाया गया है. यहां पर स्लाटर हाउस होने से सारी गंदगी नाले में समा जाती है. जो बहकर सरयू नदी में जाकर मिलती है. इसी दूषित पानी का उपयोग श्रद्धालु स्नान और भगवान को अर्पण करने के लिए करते हैं. इस पूरे मामले पर ईओ राजदेव जायसी का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुरूप ही प्रदूषण के मानक पूरे नहीं करने पर स्लाटर हाउस को सीज किया गया है.

नगर का स्लाटर हाउस प्रशासन द्वारा सीज किये जाने से मीट की दुकानों पर ताले लटक गए हैं. करीब 40 मीट विक्रेताओं और दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है. लोगों के विरोध को देखते हुए शासन ने स्लाटर हाउस को सीज कर दिया. जिसे अन्यत्र बनाने की बात की जा रही है, लेकिन प्रशासन की अचानक हुई कार्रवाई से करीब 40 मीट विक्रेताओं के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है. उनका कहना है कि पहले प्रशासन को समस्या का हल खोज लेना था.


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