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सुप्रीम कोर्ट की भी नहीं सुनी और ढहा दिये 48 मकान

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Nov 30 2018 12:26PM
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रुड़की. खानपुर विधानसभा के एक गांव के करीब 48 आलीशान और साधारण मकानों को प्रशासन ने धराशाई कर दिया है. जिसको लेकर ग्रामीणों में खासा आक्रोश है. वहीं उनके चेहरों पर मायूसी और मजबूरी भी साफ देखने को मिल रही है. गांव में अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट में पिछले कई वर्षों से मामला चल रहा था. गांव के कुछ लोगों ने हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद अपनी अपील सुप्रीम कोर्ट में भी डाली थी, लेकिन इसी बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने भारी पुलिस फोर्स लेकर 48 मकानों को ढहा दिया. ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए कुछ समय भी मांगा, लेकिन अधिकारियों ने इनकी एक नहीं सुनीं. वहीं देर रात सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को तोड़फोड़ रोकने के आदेश दिए, लेकिन प्रशासन ने सुप्रीमकोर्ट के आदेश को भी नहीं माना. इसी बीच मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर सभी अधिकारी वापस चले गए.

लंढौरा से चार किलोमीटर की दूरी पर खानपुर विधानसभा में वर्षों पुराने गांव के तकरीबन 48 आलीशान और साधारण मकानों को पूरे दो दिनों में प्रशासन ने पुलिस के साये में धराशाई कर डाला. जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश तो है ही साथ मे उनके चेहरों पर मायूसी और मजबूरी भी साफ देखने को मिल रही है. बात अगर की जाए तो इस गांव में हाईकोर्ट में अतिक्रमण को लेकर मामला पिछले कई वर्षों से चला आ रहा था, पर गाँव के कुछ लोगों ने हाईकोर्ट के आदेश आने के बाद अपनी अपील सुप्रीम कोर्ट में डाल दी. इसी बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने भारी पुलिस फोर्स लेकर कल यहां 48 मकानों को चिन्हित कर हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए तोड़ना शुरू कर दिया. जिस पर ग्रामीणों ने अपना विरोध जताते हुए कुछ समय मांगा, पर अधिकारियों ने इनकी एक नहीं सुनी और सब मकानों को धाराशाई करवाना शुरू कर दिया. देर रात में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में न्यायालय की अवहेलना मानते हुए प्रशासन को तोड़ फोड़ रोकने के आदेश दिए. इसके बावजूद उसने आज भी मकानों को तोड़ने का काम जारी रखा.

मीडिया के पहुंचने के बाद सभी अधिकारी वहां से निकल गए. इतना तांडव क्यों मचाया गया. यह कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं है. वहीं मीडिया के कैमरे के सामने ग्रामीण अपने टूटे हुए मकानों को देखकर रोते हुए अपनी आपबीती सुनाते हुए नज़र आये.


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