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आतंकी हमले के बाद देश में गुस्से की लहर, बदला ले भारत

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Feb 15 2019 4:34PM
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नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में गुस्से का आलम है. देश के कई हिस्सों में पाकिस्तान सरकार का पुतला फूंका गया है. देश के लोग केन्द्र सरकार से फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की उम्मीद कर रहे हैं. पुलवामा हमले के बाद प्रधानमन्त्री ने आपात बैठक बुलाई और पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड कंट्री का रुतबा वापस ले लिया गया. भारत सरकार ने पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को वापस बुला लिया है.

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए सीआरपीएफ जवानों पर हमले में देवरिया जनपद के थाना भटनी के अन्तर्गत छापिया जयदेव के रहने वाले विजय कुमार मौर्या भी शहीद हो गए. शहीद विजय मौर्या के घर में उनकी पत्नी के अलावा उनकी डेढ़ साल की लड़की आराध्या, पिता रामायण सिंह, एक बहन और दो भाइयों में एक भाई की मौत पहले हो चुकी है. पिता के पास जब से विनोद के शहीद होने की सूचना आई एक पिता की नम आँखें बिना कुछ कहे ही सब कुछ कह रही हैं. बूढ़े पिता की आँखों में बेटे के जुदा होने का गम साफ दिखता है. घर के एक मात्र कमाऊ पुत्र के मौत की सूचना फोन पर सुनकर जीवन के आखरी पडाव पर खड़ा एक पिता के कलेजे पर क्या बीतती होगी आप सोच सकते हैं.

शहीद की पत्नी विजय लक्ष्मी ने बताया कि इसके पूर्व भी बस हमले में भी बाल-बाल बचे थे. पत्नी और परिजनों के साथ स्थानीय जनता के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री को बुलाने की मांग की है. शहीद विजय मौर्या ने 2008 में सेना में नौकरी ज्वाइन की थी. उनकी शादी 2014 में विजय लक्ष्मी नाम के साथ देसही देवरिया में हुई थी. शहीद के पिता रामायण सिंह का कहना है जैसे मेरे बेटा शहीद हुआ है. वैसे देश के कई परिवारों ने अपने घर से किसी न किसी को खोया है. अब मेरा सरकार से यह आग्रह है कि अब पाकिस्तान से आर-पार की लड़ाई हो जानी चाहिए.

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने आतंकी हमले की निंदा की और सरकार को इस पर कड़ा रुख अपनाने को कहा. स्थानीय जनता में बहुत गुस्सा देखने को मिला. कहीं हाथ में तिरंगे लिए नारे लगाते हुये दिखे. सड़क जाम कर नारे लगाये गए. जनता में आक्रोश इतना ज्यादा था कि वे भटनी जंक्शन के पास रेल पटरी पर बैठकर छपरा पैसिंजर को रोककर कई घंटे बैठकर पाकिस्तान मुर्दाबाद, हिन्दुस्तान जिंदाबाद के नारे लगे.

कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 44 जवानों की शहादत के बाद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और आजमगढ़ जिले में सामाजिक संगठनों के लोग पाकिस्तान के खिलाफ सड़कों पर उतर आये और विरोध प्रदर्शन करने के साथ ही पाकिस्तान का पुतला फूंका और पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

पाकिस्तान द्वारा जवानों के काफिले पर किये गये हमले के बाद आजमगढ़ जिले में सामाजिक संगठन, छात्र सड़कों पर उतर गये और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पाकिस्तान का पुतला व झण्डा लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किये और पाकिस्तान के पुतले को फांसी पर लटका कर जलाया. इस दौरान आक्रोशित लोगों ने कहा कि वह अपनी आग और देश की जनता की ज्वाला को प्रकट कर रहे हैं और पाकिस्तान सरकार को संकेत दे रहे हैं कि जो शहीद हुए हैं वह किसी नेता या धन पशु का बेटा नहीं गरीब किसान और मजदूर का बेटा है. पूरे देश वासियों का खून खौल रहा है. निन्दा और प्रस्ताव नहीं चाहिए. मीटिंग नहीं बदला चाहिए. उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि केवल वर्दी पहनने वाला ही सैनिक नहीं है.

पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर योग गुरू बाबा रामदेव का कहना कि अब भारत को सर्जिकल स्ट्राइक से बढ़कर कोई कदम उठाना होगा. बाबा ने कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर को भारत में विलय करने का वक़्त आ गया है. रामदेव का का कहना आपस में खामियां ढूंढने के बजाय एकजुट होना होगा. योग गुरु का कहना है कि पाकिस्तान के परमाणु बम्ब से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है. उनके पास एक परमाणु बम्ब है तो हमारे पास 10 परमाणु बम्ब हैं. बाबा का कहना है कि पाकिस्तान के अन्दर घुस कर करना होगा हमला.

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ बटालियन पर हुए फिदायीन हमले में उत्तराखण्ड के खटीमा का रहने वाला एक जवान भी शामिल है. सीआरपीएफ में कॉन्स्टेबल वीरेंद्र सिंह राणा भी हमले में वीर गति को प्राप्त हुए हैं. शहीद वीरेंद्र खटीमा के मोहम्मद पुर भुडिया गांव के निवासी थे. 20 दिन की छुट्टी काट कर वीरेंद्र सिंह तीन दिन पहले ही वापस अपनी ड्यूटी पर जम्मू कश्मीर लौटे थे. सीआरपीएफ जवान की शहादत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मचा है. केवल घर ही नहीं पूरा खटीमा इस खबर से शोक में डूबा हुआ है. मुसीबत की इस घड़ी में शहीद के परिवार के साथ लोग बड़ी संख्या में खड़े हैं. घर पर शोक जताने वालों का जमावड़ा लगा हुआ है. शहीद वीरेंद्र अपने पीछे पत्नी, पांच साल की बेटी और ढाई साल के बेटे को छोड़ गए हैं.

शहीद वीरेंद्र खटीमा के मोहम्मद पुर भुडिया गांव के निवासी थे जो कि तीन दिन पहले ही 20 दिन की छुट्टी काट के वापस अपनी ड्यूटी पर जम्मू कश्मीर को लौटे थे. सीआरपीएफ जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छाई हुई है. शहीद के घर शोक जताने वालो का जमावड़ा लगा हुआ है.

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में जहां एक और 44  से अधिक सीआरपीएफ के जवान शहीद हो गए वहीं देश भर से लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया रही है. सभी अपना गुस्सा अपनी संवेदनाएं अलग अलग तरीके से जाहिर कर रहे हैं. ऐसे में गाजियाबाद में भी आचार्य पवन सिन्हा ने अपना विरोध दर्ज कराया. जहां एक ओर पाकिस्तान के झंडे को सड़क पर बिछाकर उसे जूतों से कुचला गया वहीं आतंकी अजहर मसूद और साथ ही पाकिस्तान दोनों के पुतले को जला कर अपना विरोध दर्ज कराया गया. इस विरोध में शामिल तमाम लोगों का कहना यह था कि अब निंदा का समय नहीं है.

देहरादून-पुलवामा हमले पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि देश और प्रदेश के लिए शहीदों का जाना बहुत गंभीर मसला है. जिस तरह से अन्य हमलों का बदला लिया गया. वैसे ही पुलवामा हमले का भी मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा, और बदला लिया जाएगा.

मुरादाबाद में भाजपाइयों ने पाकिस्तान का पुतला फूंका. पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए. सरकार से पाकिस्तान पर आक्रमण करने की मांग की. बड़ी तादाद में शामिल हुए लोग. नेशनल हाईवे पर पाकिस्तान का पुतला फूंका गया.


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