आप यहां हैं : होम» राज्य

एसडीएम पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 18 2019 2:46PM
omveer singh sdm_2019318144650.jpg

संभल. यूपी के संभल की गुन्नौर तहसील में तैनात एसडीएम ओमवीर सिंह दिन-ब-दिन भ्रष्टाचार के आरोप में घिरते जा रहे हैं लेकिन उसके बाद भी एसडीएम पर किसी भी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है. चुनाव आयोग से शिकायत भी लगातार की जा रही है पर फिर बेपरवाह एसडीएम लगातार अपने मंसूबों को अंजाम देते नजर आ रहे हैं.

एसडीएम पर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद भी मोटी रकम लेकर बैक डेट में सरकारी फाइल्स पास करने का गंभीर आरोप इस बार लगा है. अगर यह आरोप सही हैं तो यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है क्योंकि एक तो यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है साथ ही भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है. बड़ा सवाल है कि जिस तरह से केन्द्र और योगी सरकार राज्य से भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती है लेकिन संभल में तैनात एसडीएम सरकार के मंसूबों पर लगातार महीनों से पानी फेरते आ रहे हैं, पर सवाल यह भी है कि क्या एसडीएम को किसी का संरक्षण में प्राप्त है या फिर शासन प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया क्योंकि इनके आरोप तो महीनों से लगते आए फिलहाल अब तो कमान चुनाव आयोग के हाथ में है.

पूरा मामला गुन्नौर तहसील इलाके का है. जहां तैनात एसडीएम ओमवीर सिंह पर आए दिन भ्रष्टाचार के आरोप लगते जा रहे हैं. ताजा मामले की बात करें तो इस बार तहसील इलाके के एक गांव के ही एक शख्स जयप्रकाश यादव ने एसडीएम पर आरोप लगाया है कि एसडीएम ने 3 महीने से पेंडिंग में चल रही राशन कोटे की दुकान को किसी दूसरे पक्ष के व्यक्ति से रिश्वत लेकर बैक डेट में उसको नियुक्त कर दिया.

वहीं शिकायतकर्ता का कहना है कि वह दुकान पहले उसकी पत्नी के नाम थी. जिसके बारे में एसडीएम के अर्दली सूबेदार ने उसकी दुकान दोबारा नियुक्ति के लिए 50 हज़ार की डिमांड की थी. वह पूरी बात शिकायतकर्ता ने अपने फोन में रिकॉर्ड कर ली और उसको सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. ऑडियो में एसडीएम के अर्दली और शिकायतकर्ता की आवाज बताई जा रही है. जिस में एसडीएम के अर्दली सूबेदार द्वारा शिकायतकर्ता जयप्रकाश से दुकान की दोबारा नियुक्ति के लिए 50 हज़ार की मांग की जा रही है, तो वहीं शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि एसडीएम ओमवीर सिंह ने दूसरे पक्ष से 80 हज़ार की रिश्वत लेकर उसको बैक डेट में उसकी दुकान की नियुक्ति कर दी.

यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी एसडीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. गुन्नौर से बीजेपी विधायक अजीत कुमार उर्फ राजू ने भी एसडीएम पर तमाम भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सीएम को पत्र भेजा था, जिसमें सीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए मुरादाबाद मंडल आयुक्त और जिला प्रशासन को मामले की जांच सौंपी थी जिसकी जांच अभी तक चल रही है. ठीक उस से कुछ दिन बाद गुन्नौर के अधिवक्ताओं ने भी एसडीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कोर्ट परिसर की में तालाबंदी की और लगातार भ्रष्टाचारी के आरोप लगाए.

जिसके बाद खुद को घिरा देख एसडीएम ने अधिवक्ताओं से माफी मांग ली उसके बाद अब एसडीएम का ऑडियो का वायरल होना ये ऑडियो फिर से एसडीएम को सवालों के कटघरे में खड़ा कर रहा है फिलहाल इस बार शिकायतकर्ता ने जिले के डीएम से मामले की शिकायत की है. इस मामले में डीएम से बात करना चाहा तो जिलाधिकारी ने कैमरे के सामने बोलने से इंकार कर दिया लेकिन जब इस मामले में एसडीएम से बात की गई तो उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया.

अब देखना होगा कि जिस तरह से लगातार ओमवीर सिंह पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते आ रहे हैं, उसमें कितनी सच्चाई है और आखिरकार कब तक एसडीएम पर चुनाव आयोग अपना हंटर चलाता है क्योंकि पीड़ित पक्ष का एसडीएम पर यह भी आरोप है कि उसके खिलाफ एसडीएम कोई बड़ा षड्यंत्र रच रहे हैं. जिसके कारण उसके घर पर दो बार पुलिस भेजी गई है.

आरोप है की जब से शिकायतकर्ता ने अर्दली की ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल की है उसके बाद से उसको लगातार पुलिस प्रशासन की धमकी मिल रही है. लगातार पुलिस प्रशासन उस पर दबाव बना रहा है शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस प्रशासन उसको किसी भी झूठे मामले में फंसा सकता है. शिकायतकर्ता मीडिया से न्याय की गुहार लगा रहा है और वह भय के माहौल में जीने को मजबूर है.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।