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शाह की बैठक में 2019 जीतना ही रहा मुख्य एजेंडा

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 25 2018 9:05AM
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रजनीश पाण्डेय

लखनऊ. राजधानी लखनऊ में कल बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने संगठन और सरकार के बीच समन्वय के साथ-साथ सरकार के कामकाज को लेकर भी चर्चा की. इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा और संगठन से राष्ट्रीय संगठन मंत्री शिव प्रकाश, महासचिव भूपेंद्र यादव, राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे शामिल हुए.

इस बैठक के दौरान कई विषयों को लेकर चर्चा हुई. जिसमें प्रमुख रूप से आने वाले 2019 के चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चा हुई. जनता के बीच सरकार किन उपलब्धियों को लेकर जाए. उस पर भी बात हुई. केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को और कैसे बेहतर ढंग से जनता तक पहुंचाया जाए. साथ ही यूपी सरकार की कुम्भ को लेकर तैयारी पर भी बात की गई. कैसे सरकार इस कुम्भ को और बड़े स्केल पर प्रस्तुत करे इसको लेकर चर्चा हुई.

बैठक में राम मंदिर और संघ की सरकार से अपेक्षाओं को लेकर भी बात हुई. जिसमें सरकार के कुछ मंत्रियों के कामकाज और जनता में छवि के प्रति भी संघ ने चिंता जाहिर की. जिसके बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सरकार और संगठन को कड़े निर्देश दिए. बैठक में राम मंदिर का मुद्दा छाया रहा. 2019 के चुनाव की रणनीति पर चर्चा के साथ ही कुछ मंत्रियों के कामकाज पर भी शाह ने चिंता जताई और सरकार को कड़े निर्देश दिये.

लखनऊ के आनंदी वाटर पार्क में हुई बीजेपी की समन्यवय बैठक में सरकार और संगठन के बीच का समन्वय के साथ ही साथ सरकार के कामकाज को लेकर भी बात हुई. बैठक के दौरान कई विषयों को लेकर चर्चा हुई जिसमें प्रमुख रूप से यह बात हुई कि आने वाले 2019 के चुनाव में जनता के बीच सरकार की किन उपलब्धियों को लेकर जाया जाए. केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को और कैसे बेहतर ढंग से जनता तक पहुंचाया जाए. राम मंदिर को लेकर मौजूदा हालात पर भी चर्चा हुई. संघ की सरकार से अपेक्षाओं को लेकर भी बात हुई. जिसमें सरकार के कुछ मंत्रियों के कामकाज और जनता में छवि के प्रति भी संघ ने चिंता जाहिर की. पिछली बैठक में भी संघ और संगठन बीजेपी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का मुद्दा उठा चुके हैं. जो इस बार भी संघ और संगठन की तरफ से सरकार के सामने रखा गया.

संघ ने सरकार के अधिकारियों के काम के तरीकों को लेकर असंतोष ज़ाहिर किया. राष्ट्रीय अध्यक्ष ने निर्देश दिये कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं का सरकार ख्याल रखे. सरकार और संगठन में समन्वय बना के एक साथ आगे बढ़े. उप चुनाव में मिली हार के बाद अमित शाह ने सरकार और संगठन को कड़े निर्देश दिये हैं.


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