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भारत में अब तक हुए बड़े रेल हादसे

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 20 2018 11:11AM
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नई दिल्ली. पंजाब के अमृतसर जिले में रावण दहन के दौरान हुए ह्रदयविदारक रेल हादसे के वक्त देश में हुए तमाम बड़े रेल हादसे याद आ जाते हैं. भारत में अब तक हुए बड़े रेल हादसों की बात करें तो रेल पटरियों पर मची चीत्कार बिलकुल ताज़ा लगने लगती है.

अक्टूबर 2018- ट्रेन हादसा-

रायबरेली में न्यू फरक्का एक्सप्रेस की 9 बोगियां पटरी से उतर गईं थीं. इस हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

वर्ष 2017-

अगस्त 2017 में उत्तर प्रदेश के मुज़़फ्फ़रनगर में खतौली के पास कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए. यह ट्रेन पुरी से हरिद्वार जा रही थी. इसमें 20 लोगों की मौत और लगभग 80 लोगों के घायल होने की बात सामने आयी थी. 22 जनवरी 2017 को आंध्रप्रदेश के विजयनगरम ज़िले में हीराखंड एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतरने की वजह से क़रीब 39 लोग मारे गए.

वर्ष 2016-

20 नवम्बर 2016 को कानपुर के पास पुखरायां में एक बड़ा रेल हादसा हुआ. जिसमें करीब 150 लोगों की मौत हो गई. 20 मार्च, 2015: देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. इस हादसे में 34 लोग मारे गए थे.

वर्ष 2014-

4 मई, 2014 को दिवा सावंतवादी पैसेंजर ट्रेन नागोठाने और रोहा स्टेशन के बीच पटरी से उतर गई थी. इसमें 20 लोगों की जान गई थी और 100 लोग घायल हुए थे.

वर्ष 2013-

28 दिसम्बर 2013 को बेंगलूरु-नांदेड़ एक्सप्रेस ट्रेन में आग लग गई थी, और इसमें 26 लोग मारे गए थे. आग एयर कंडीशंड कोच में लगी थी. उसी साल 19 अगस्त को राज्यरानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से बिहार के खगड़िया ज़िले में 28 लोगों की जान चली गई थी.

वर्ष 2012-

भारतीय रेलवे के इतिहास में साल 2012 हादसों के मामले से सबसे बुरे सालों में से एक रहा. इस साल लगभग 14 रेल हादसे हुए. इनमें पटरी से उतरने और आमने-सामने टक्कर दोनों तरह के हादसे शामिल हैं. 30 जुलाई 2012 को दिल्ली से चेन्नई जाने वाली तमिलनाडु एक्सप्रेस के एक कोच में नेल्लोर के पास आग लग गई थी. जिसमें 30 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

वर्ष 2011-

07 जुलाई 2011 को उत्तर प्रदेश में ट्रेन और बस की टक्कर में 38 लोगों की मौत हो गई.

वर्ष 2010-

20 सितंबर 2010 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ग्वालियर इंटरसिटी एक्सप्रेस एक मालगाड़ी से टकराई. इस टक्कर में 33 लोगों की जान चली गई और 160 से ज़्यादा लोग घायल हुए. 19 जुलाई 2010 को  पश्चिम बंगाल में उत्तर बंग एक्सप्रेस और वनांचल एक्सप्रेस की टक्कर में 62 लोगों की मौत हुई और डेढ़ सौ से ज़्यादा घायल हुए. 28 मई, 2010 को पश्चिम बंगाल में संदिग्ध नक्सली हमले में ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस पटरी से उतरी. इस हादसे में 170 लोगों की मौत हो गई.

वर्ष 2009-

21 अक्तूबर, 2009 को उत्तर प्रदेश में मथुरा के पास गोवा एक्सप्रेस का इंजन मेवाड़ एक्सप्रेस की आख़िरी बोगी से टकरा गया. इस घटना में 22 मारे गए जबकि 23 अन्य घायल हुए. 14 फ़रवरी 2009 को (रेल बजट के दिन) हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे ओडिशा में जाजपुर रेलवे स्टेशन के पास पटरी से उतरे. हादसे में 16 की मौत हो गई और 50 घायल हुए.

वर्ष 2008-

अगस्त 2008 में सिकंदराबाद से काकिनाडा जा रही गौतमी एक्सप्रेस में देर रात आग लगी. इसके कारण 32 लोग मारे गए और कई घायल हुए.

वर्ष 2005-

21 अप्रैल 2005 को गुजरात में वडोदरा के पास साबरमती एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी की टक्कर में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और 78 अन्य घायल हो गए. फ़रवरी 2005 को महाराष्ट्र में एक रेलगाड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर में कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई थी और इतने ही घायल हुए थे.

वर्ष 2003-

जून, 2003 में महाराष्ट्र में हुई रेल दुर्घटना में 51 लोग मारे गए थे और अनेक घायल हुए. 2 जुलाई, 2003 को आंध्र प्रदेश में हैदराबाद से 120 किलोमीटर दूर वारंगल में गोलकुंडा एक्सप्रेस के दो डिब्बे और इंजन एक ओवरब्रिज से नीचे सड़क पर जा गिरे. इस दुर्घटना में 21 लोगों की मौत हुई. 15 मई, 2003 को पंजाब में लुधियाना के नज़दीक फ़्रंटियर मेल में आग लगी. कम से कम 38 लोग मारे गए.

वर्ष 2002-

9 सितम्बर 2002 को हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त हुई. इसमें 120 लोग मारे गए.

वर्ष 2001-

22 जून, 2001 को मंगलोर-चेन्नई मेल केरल की कडलुंडी नदी में जा गिरी. 59 लोग मारे गए. 31 मई, 2001 को उत्तर प्रदेश में एक रेलवे क्रॉसिंग पर खड़ी बस से ट्रेन जा टकराई. इसमें 31 लोग मारे गए.

वर्ष 2000-

2 दिसंबर, 2000 को कोलकाता से अमृतसर जा रही हावड़ा मेल दिल्ली जा रही एक मालगाड़ी से टकराई. इस हादसे में 44 की मौत और 140 घायल हुए.

वर्ष 1999-

3 अगस्त, 1999 को दिल्ली जा रही ब्रह्पुत्र मेल अवध-असम एक्सप्रेस से गैसल, पश्चिम बंगाल मे टकराई. इस दुर्घटना में 285 की मौत और 312 घायल हुए.

वर्ष 1998-

26 नवम्बर, 1998 को फ्रंटियर मेल सियालदाह एक्सप्रेस से खन्ना, पंजाब में टकराई. इसमें 108 की मौत हुई और 120 घायल हुए.

वर्ष 1997-

14 सितम्बर 1997 को अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में एक नदी में जा गिरी. इस हादसे में 81 की मौत हुई और 100 से ज्यादा घायल हुए.

वर्ष 1996-

18 अप्रैल, 1996 को एर्नाकुलम एक्सप्रेस दक्षिण केरल में एक बस से टकराई. इस हादसे में 35 की मौत हुई और 50 घायल हुए.

वर्ष 1995-

20 अगस्त, 1995 को नई दिल्ली जा रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस कालिंदी एक्सप्रेस से फ़िरोजाबाद, उत्तर प्रदेश में जा टकराई. इसमें 250 की मौत हुई और 250 घायल हुए.

वर्ष 1993-

21 दिसम्बर 1993 को कोटा-बीना एक्सप्रेस मालगाड़ी से राजस्थान में टकराई. इसमें 71 की मौत हुई और अनेक घायल हुए.

वर्ष 1990-

16 अप्रैल, 1990 को पटना के पास रेल में आग लगी. इसमें 70 लोगों की मौत हो गई. इसके अलावा 23 फरवरी, 1985 को  राजनांदगाँव में एक यात्री गाड़ी के दो डिब्बों में आग लगने से 50 लोगों की मौत हुई और अनेक घायल हुए. इससे पहले 6 जून,1981 को बिहार में तूफान के कारण ट्रेन नदी में जा गिरी थी. इस बड़े हादसे में 800 लोगों की मौत हो गई थी और तकरीबन 1000 लोग घायल हो गए थे.


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