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बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, पार्टी को मिला विचित्र प्राणी से छुटकारा

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: May 20 2019 5:22PM
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वाराणसी. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय ने योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर की बर्खास्तगी को लेकर कहा कि बहुत ही कष्ट और भारी मन के साथ ओमप्रकाश राजभर और उनके साथ के लोगों को मंत्रिमंडल सहित अन्य पदों से हटा दिया गया. यूपी के बदजुबान और निरंतर टिप्पणी करने वाले मंत्री को निरंतर सहन किया गया.

महेन्द्र नाथ पांडेय ने बताया कि हम सीएम के फैसले की सराहना करते हैं. सुहेलदेव के नाम से ट्रेन चलाकर, टिकट जारी किया और आगे भी सुहेलदेव का सम्मान करेंगे. जब ओमप्रकाश गाली गलौच तक उतर आये तब इनके खिलाफ मऊ में मुकदमा भी कराया. केन्द्र में यूपी से अपना दल से था, ओमप्रकाश को एक सीट बीजेपी के चिन्ह पर दे रहे थे. मऊ के हलदर की सभा में बीजेपी को गाली देकर हद पार कर दी.

महेन्द्र नाथ पांडेय ने कहा कि ओमप्रकाश के विभाग मंत्री अनिल राजभर को दिया गया है, राजभर बिरादरी का सम्मान किया जायेगा. प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने ओम प्रकाश राजभर को सरकार से बर्खास्त करने पर कहा कि एक विचित्र प्राणी से छुटकारा मिला है. उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री द्वारा समय से लिया गया सही फैसला है.

गठबंधन पर महेन्द्र पांडे ने कहा कि 23 मई के बाद यह देखने योग्य होगा कि मायावती कितने अलंकारों का प्रयोग अखिलेश पर करेंगी, और अखिलेश कितने श्लेष अलंकारों का प्रयोग मायावती पर करेंगे.  मायावती अखिलेश को बबुआ बना कर छोड़ेगी और वह साबित हो जाएगा. महेन्द्र नाथ पांडे ने कहा कि मैं अखिलेश यादव को एक सलाह दूंगा कि कुछ अपने पिता से सीखें, उन्होंने परिश्रम किया पुरुषार्थ से अपनी पार्टी खड़ी की और दूसरी सलाह देते हुए महेन्द्र नाथ पांडे ने कहा कि भारत संस्कृति और अध्यात्म का दुनिया का प्रेरक देश है, और नरेन्द्र मोदी की शिक्षा भाव और टिप्पणी करने की जगह उससे सीख ले क्योंकि उनका जीवन अभी लंबा है. उनके काम आएगा.

प्रेस वार्ता में राज्य मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को यह धन्यवाद देता हूं कि राजभर समाज बहुत दिनों से यह मांग कर रहा था कि सरकार से ओमप्रकाश राजभर को बाहर किया जाए. अनिल राजभर ने कहा कि जहां एक ओर प्रधानमंत्री गाजीपुर में सभा करके सुहेलदेव के नाम पर डाक टिकट जारी करते हैं वहीं दूसरी ओर उसी सभा का सरकार में रहकर विरोध करने वाले ओमप्रकाश राजभर को न तो सुहेलदेव से ही कोई मतलब है और न ही ऐसे लोग देश का कभी भला कर सकते हैं और इस बात को लेकर राजभर समाज बहुत दिनों से मांग कर रहा था और मुख्यमंत्री ने आज समाज की मांग को मानते हुए उचित फैसला किया है और आज पूरा राजभर समाज उसका अभिनंदन कर रहा है.


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