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बुन्देलखण्ड में बेरोकटोक जारी है अवैध खनन का गोरखधंधा

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jan 11 2019 2:56PM
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ज़ियाउल हक़

चित्रकूट. भले ही अवैध खनन की जांच में चर्चित महिला आईएएस बी चन्द्रकला सीबीआई की रडार पर आ गई हों, पर धर्मनगरी चित्रकूट में इस जांच की आंच का खौफ कहीं दूर-दूर तक दिखाई नहीं पड़ रहा है. जनपद में भले इन दिनों महज़ दो घाटों से लाल सोने की खुदाई की जा रही हो पर गड़ौली और साईपुर घाटों में जीवनदायनी नदियों का सीना चीरकर खनन माफिया खुलेआम नदियों की आबरू लूट रहे हैं.

घाटों से होकर ओवरलोडिंग ट्रक ने सड़कों का हाल बेहाल कर रखा है. ऐसे में आम इंसान का सड़कों पर चलना दुश्वार हो गया है. योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री बनने के बाद खनन का गोरखधंधा बंद कराने की दृढ़ता दिखाई, नीति बनाई, कड़े निर्देश भी जारी किए. जुलाई 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में अवैध खनन का धंधा बंद करने और अवैध खनन में सक्रिय माफियाओं को कानूनी तौर पर सामने लाने के लिए सीबीआई जांच कराने का आदेश दिया था. जिसके बाद बुंदेलखंड के हमीरपुर में अवैध खनन करने में तत्कालीन जिलाधिकारी बी चन्द्रकला जांच की आंच में अब तप गई हैं.

उसके बावजूद बुंदेलखंड के ही चित्रकूट में आज भी यह अवैध खनन का गोरखधंधा खुलेआम जारी है. बुंदेलखंड क्षेत्र के चित्रकूट की नदियों से अवैध तरीके से मौरंग का धुआंधार खनन हो रहा है. ट्रकों में मौरंग भर कर रातों रात जिले की सीमा से बाहर पहुंचा दिया जाता है. खासतौर पर पहाड़ी और राजापुर के घाटों से वैध की आड़ में अवैध खनन धुरंधर जारी है.

सूत्रों की मानें तो जनपद के कई घाटों में भगवा मुख्यमंत्री के कई ऊँचे सफेदपोशों की साझेदारी इन घाटों में सक्रियता बनाकर अवैध खनन करवाने में रात दिन मुस्तैदी से जुटी हुई हैं. जिले में रेत खनन माफिया धड़ल्ले से बेरोक-टोक नदियों से अवैध खनन को अंजाम दे रहें हैं, लेकिन प्रशासन कान में तेल डालकर बैठा हुआ है. अवैध खनन की शिकायतों पर खनिज विभाग खानापूर्ति के लिए छोटे-मोटे काश्तकारों के ट्रैक्टर सीज कर मीडिया में खुद को पाक साफ दिखाकर  खानापूर्ति कर रहा है. आरोप है कि खनन माफिया प्रशासन की मिलीभगत से नदियों में अवैध खनन का कारोबार फल-फूल रहा है. पहाड़ी थाना क्षेत्र के घाटों में एनजीटी के मानकों को धता बताकर खनन माफिया नदियों का सीना चीरकर अवैध खनन कर रहे हैं, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय जिला प्रशासन माफियाओं को संरक्षण दे रहा है.

आरोप है कि खनन माफिया जिम्मी सिंह को प्रशासन का पूरा संरक्षण मिला हुआ है, जिसके कारण बिना परमीशन के ही खनन माफिया हजारों घन मीटर मौरंग डंप कर अवैध खनन और ओवरलोडिंग जारी करे हुए है. कई दफा शिकायत पर अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन बिना कोई कार्रवाई के वापस लौट गए. अवैध खनन और ओवरलोडिंग में खनिज अधिकारी की भूमिका संदिग्ध देखने को मिल रही है.


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