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राम के आदर्शों को जीवन में उतारने की ज़रुरत : सीएम योगी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 20 2018 1:06PM
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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में विजयदशमी के पर्व पर गोरखनाथ मंदिर से भव्य शोभा यात्रा निकाली गयी. इस पूरी शोभा यात्रा के दौरान लोगों की भीड़ में उनका जोश देखते बन रहा था. शोभायात्रा में सबसे आगे हनुमान अखाड़े के लोग चल रहे थे. जबकि उनके पीछे श्रद्धालुओं का समूह जय श्रीराम और नाथ संप्रदाय का जयकारा लगाते हुए चल रहा था.

इस पूरी शोभा यात्रा के दौरान  मुख्यमंत्री और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल के लोग मुस्तैद दिखे. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने विजय दशमी की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व सदा आपके जीवन में खुशियां लेकर आए. सीएम ने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि जब भी भारत में किसी अन्याय के खिलाफ लड़ाई को उसके मुकाम तक पहुंचाना हो, तो भगवान श्री राम को याद करना चाहिए.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में गोरखनाथ मंदिर से निकली भव्य विजय शोभा यात्रा को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गई. गोरखनाथ मंदिर से मानसरोवर मंदिर और फिर रामलीला मैदान तक सड़कों और छतों पर खड़े लोगों ने जयकारे लगाकर फूल बरसाए. शोभायात्रा में सबसे आगे हनुमान अखाड़े के लोग चल रहे थे. उनके पीछे श्रद्धालुओं का समूह जय श्रीराम और नाथ संप्रदाय का जयकारा लगाते हुए चल रहा था.

हनुमान जी की प्रतिमा भी शोभा यात्रा में शामिल थी. जिसे लोग प्रणाम करते हुए चल रहे थे. विजय शोभायात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली. सीएम योगी ने इस मौके पर कहा कि कल ही हमने शारदीय नवरात्र के पर्व को पूरा किया है. रावण के अंत पर बुराई पर अच्छाई को लेकर हम शारदीय नवरात्र को मनाते हैं. भारत ही नहीं बल्कि दुनिया में आस्था के केन्द्र भगवान श्री राम को याद करते हैं. अयोध्या का राजकुमार ही हम ऋषियों के काम को सिद्ध कर सकता है.

राक्षसों के आतंक से सभी थर्रा रहे थे इन राजकुमारों ने ही उससे निजात दिलाई. उन्होंने कहा कि जब पारिवारिक कलह के कारण उन्हें 14 वर्षों के लिए वनवास जाना पड़ा और उस दौरान अनेक लीला रची गईं. उन्होंने कहा कि भारत को जाति और महजब के नाम पर बांटने वालों को भगवान श्री राम के संदेशों को याद करना चाहिए.

भगवान राम ने 14 वर्षों के दौरान कभी किसी राजधानी में कदम नहीं रखा. आज जब नक्सलवाद आतंकवाद के काल खंड में भगवान श्री राम की बात समझ में आ जाए तो समाज का वह तबका जो आज भी पीड़ित और उपेक्षित है, उसे समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाए. उसके लिए उसे आवास, शौचालय, आयुष्मान योजना के तहत चिकित्सा मुहैया कराई जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि यह नारी के सम्मान से जुड़ा मामला भी है. आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शासन काल में जो योजनायें शुरू हुई हैं वह सभी आम जन के लिए लोककल्याण कारी हैं. उन्होंने कहा कि अगर भगवान श्री राम को हमने आदर्श माना है तो उसे अपने जीवन में भी उतारना चाहिए. किस प्रकार से गुरु और शिष्य के रिश्ते होने चाहिए.  यह हमें भगवान राम से सीखना चाहिए. रावण जब मारा गया तो  मरने से पहले रावण ने पूछा कि राम तुम मुझे बताओ, मैं तुमसे हर मामले में बड़ा हूं, लेकिन तुम जीत गए और मैं हार गया. राम ने कहा कि देखो तुम्हारे साथ तुम्हारा भाई ही नहीं है, और मेरा भाई मेरे विपरीत स्थिति में भी मेरे साथ है.


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