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तालाबों को पाटकर बना लिए मकान, प्रशासन ने बनाया कार्रवाई का प्लान

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Dec 16 2018 4:34PM
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सतीश श्रीवास्तव

बस्ती. जहाँ तालाब और पोखरे जल संरक्षण के प्रमुख श्रोत हुआ करते हैं, अब धीरे-धीरे इन तालाब और पोखरों को पाट कर भू- माफिया कब्जा कर रहे हैं. कहीं-कहीं तालाबों पर ही मकान बना लिया गया. जिसकी वजह से अब इन तालाब और पोखरों का अस्तित्व खतरे में पड़ता जा रहा है, तो वहीं कुछ जगह ऐसी भी हैं, जहाँ तालाबों का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर पहुंच चुका है. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब डीएम राजशेखर ने तालाबों से अवैध कब्जा हटाने के लिए जिले के 400 तालाबों को चिन्हित कराया है, जहाँ अवैध रूप से कब्जा करके लोग अपना आशियाना भी बना चुके हैं.

डीएम का कहना है कि पिछले चार महीनों से हम लोगों ने यह अभियान चलाया है, तालाबों को चिन्हित कर लिया गया है. बस्ती जिले में 400 तालाब चिन्हित किए गए हैं. जो पट चुके हैं, इन तालाबों की खुदाई नरेगा से भी कराई जाएगी. इसके अलावा सरकार का शासनादेश भी है कि जहां पर सड़क या हाइवे बन रहे हैं, वहां पर मिट्टी की जरूरत पड़ती है, तो सम्बंधित विभाग रायलटी भर कर वहां से मिट्टी ले सकते हैं. इस से दो काम होंगे एक तो तालाब खुद जाएंगे और उस की मिट्टी सड़क बनाने के भी काम में आ जाएगी.

इस के अलावा मनोरमा और कुआनों नदी के एक किलोमीटर दायरे में 130 तालाबों को चिंहित किया गया है. इन तालाबों को भी मनरेगा से खुदवाया जा रहा है. यह वाटर रिचार्जिंग के लिए बेहतर होगा. इसका पूरा प्लान बन चुका है. ग्राम पंचायत से तालाब खोदने का अप्रूवल भी हो चुका है. इसके लिए बजट भी व्यवस्थित कर दिया गया है. उम्मीद है कि एक महीने के अंदर काम शुरू हो जाएगा.


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