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माउंटेन फेस्टिवल में सम्मानित की गईं एवरेस्ट विजेता टाइन मीना

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 9 2019 5:33PM
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मसूरी. माउंटेन फेस्टिवल के दूसरे दिन वर्ष 2011 में एवरेस्ट फतह करने वाली अरुणाचल प्रदेश की प्रथम महिला पर्वतारोही टाइन मीना को सम्मानित किया गया. फेस्टिवल के निदेशक के कृष्णन कुट्टी और स्कूल के प्रिंसिपल जोनाथन ने पर्वतारोही टाइन मीना पर लिखी किताब का भी विमोचन किया.

लेखिका शिखा त्रिपाठी ने टाइन एंड द फारावे माउंटेन किताब लिखी है. पर्वतारोही टाइन मीना ने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए इंसान के अंदर आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि आज किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं.

मसूरी के वुड स्टाक स्कूल के पार्क हाल में फेस्टिवल के निदेशक के कृष्णन कुट्टी और स्कूल के प्रिंसिपल जोनाथन ने वर्ष 2011 में माउंट एवरेस्ट को फतह करने वाली अरुणाचल प्रदेश की पर्वतारोही टीना मीना पर लेखक शिखा त्रिपाठी द्वारा लिखी किताब टाइन एंड द फारावे माउंटेन का लोकार्पण करते उन्हें सम्मानित किया. इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पर्वतारोही टाइन मीना ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि अरुणाचल प्रदेश की पहली महिला हैं जिन्होंने वर्ष 2011 में माउंट एवरेस्ट फतह किया था.

उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए इंसान के अंदर आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है. परिवार से बहुत गरीब होने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और 2011 में एवरेस्ट फतह किया, 39 दिन एवरेस्ट फतह करने में लगे. पर्वतारोही टाइन मीना ने बताया कि एवरेस्ट फतह करते समय कई चुनौतियां उनके सामने आईं, लेकिन उन्होंने सबका डटकर मुकाबला करते हुए एवरेस्ट फतह करने में जीत हासिल की. उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए इंसान के अंदर आत्मविश्वास होना बहुत जरूरी है.

उन्होंने कहा कि किसी कार्य को करने का जुनून अगर इंसान के अंदर हो उसके लिए कोई भी कार्य कठिन नहीं होता. आज किसी भी क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं. अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर उन्होंने सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं.

पर्वतारोही टाइन मीना ने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए सही रास्ता चुनने की जरूरत है अगर इंसान सही रास्ते पर चल रहा है तो उसका आत्मविश्वास निरंतर बढ़ता जाता है, और अगर गलत रास्ता चुन लिया तो आत्मविश्वास धीरे धीरे खत्म हो जाता है. जिससे इंसान किसी भी कार्य को करने मैं असफल हो जाता है. सही रास्ता चुनने वाला ही जिंदगी में सफल हो पाता है. उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थिति में उनके द्वारा माउंट एवरेस्ट फतह किया गया इस दौरान कई चुनौतियां उनके सामने आईं लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी माउंट एवरेस्ट फतह करने के दौरान उनके पास  खाने के लिए भी कुछ नहीं बचा था और रहने के लिए भी कोई साधन नहीं था. एक बार तो ऐसा लगा कि अब वापस नहीं आ पाएंगे, लेकिन हिम्मत और खुदा पर भरोसा रखते हुए वे आगे बढ़ीं और एवरेस्ट फतह कर दिया.

इस मौके पर टीना ने अपने अनुभव वुड स्टाक के छात्र-छात्राओं से भी साझा किये. मसूरी माउंटेन फेस्टिवल की आयोजिका नंदिनी कुमार ने बताया कि वुड् स्टाक स्कूल और हनीफील सेंटर मसूरी द्वारा हर साल की भांति मसूरी माउंटेन फेस्टिवल आयोजित किया गया है, और इसमें दुनिया भर के विशेषज्ञों को बुलाकर फेस्टिवल की थीम हेल्थ एंड रिस्क मैनेजमेंट फार आउटडोर प्रोग्रामस् इन हिमालयास पर चर्चा की गई. उन्होंने कहा कि इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पहली नार्थ ईस्ट इंडिया की महिला टाइन मीना जिनके द्वारा माउंट एवरेस्ट को फतेह किया को भी सम्मानित किया गया है.


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