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शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को मिलेगी नौकरी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 21 2018 4:27PM
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लखनऊ. भारत की उत्तरी सीमा पर लद्दाख में 21 अक्टूबर 1959 को सीआरपीएफ के शहीद हुए 10 जवानों की याद में स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है. साथ ही हर वर्ष कर्तव्य के प्रति अपने प्राण आहूत करने वाले वीर पुलिस कर्मियों को सीएम योगी और डीजीपी ओपी सिंह ने श्रद्धांजलि दी.

सीएम योगी ने शहीदों की पत्नियों से मुलाकात की. पुलिस की योजनाओं की उम्मीद लगाकर बैठे पुलिस कर्मियों में निराशा दिखी.

स्मृति दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2017-18 की योजनाओं का बखान किया. साथ ही जल्द ही पुलिस भर्ती की घोषणाओं को दोहराया, और शहीद पुलिस कर्मियों को परिवार को मदद करने को कहा है. सीएम योगी ने शहीदों की पत्नियों से मुलाकात कर उनके त्याग को सराहा.

इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 2017-18 में कर्तव्य की वेदी पर 67 पुलिसकर्मियों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी. जिसमें से कैराना में अंकित तोमर, वाराणसी में रामवृक्ष सिंह, दीपक कुमार और बृजेश मिश्रा बिजनौर में शहीद कमलाकांत त्रिपाठी, लखीमपुर खीरी में कर्तव्य के प्रति अपने प्राणों को आहुति दे दी.

डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस बल की कमी को पूरा किया जा रहा है. जल्द ही पुलिस को समस्याओं से निदान मिलेगा. यूपी के  मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों की परेशानियों को जल्द ही दूर करेंगे. साथ ही शहीद पुलिस कर्मियों के परिवार से एक युवक को जल्द नौकरी देने को भी कहा है.


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