आप यहां हैं : होम» राज्य

बागपत के लोगों के सपनों में लगे पंख

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Apr 13 2019 4:42PM
Bagpat_2019413164217.jpg

बागपत. पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर भारत को दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन यदि उम्मीदें परवान चढ़ीं तो वो दिन दूर नहीं कि देश में तेल ही तेल होगा. ये तेल किसी पहाड़ी इलाके में नहीं बल्कि राजधानी दिल्ली से सटे बागपत में मिल सकता है. जी हां, सेटेलाइट के माध्यम से संकेत मिले हैं कि बागपत में पेट्रोलियम पदार्थों का बड़ा भंडार छिपा हो सकता है. इसी संभावना के तहत ओएनजीसी ने बागपत के किरठल गांव में खुदाई भी शुरू की है.

क्या बागपत की धरती के नीचे छिपा है पेट्रोलियम पदार्थों का अकूत भंडार...? क्या बागपत की धरती पूरे देश की तेल मांग करेगी पूरी...? क्या बागपत के लोग अब हो जाएंगे मालामाल...? क्या बागपत का किरठल गॉव अब दुनिया के नक्शे में चमक उठेगा...? ये ऐसे तमाम सवाल हैं, जिनके जवाब कुछ ही दिन के भीतर मिल जाएंगे, क्योंकि सेटेलाइट के माध्यम से पता चला है कि बागपत में तेल का अकूत भंडार छिपा हो सकता है.

इन्हीं संभावनाओं के बीच ओएनजीसी की टीम ने बागपत में डेरा डाल दिया है. किरठल गांव में खुदाई भी शुरू कर दी गई है. यदि ये संभावनाए सही निकलीं तो बागपत का किरठल गांव पूरी दुनिया में छा सकता है. सेटेलाइट के माध्यम से जांच की गई तो पता चला कि किरठल गांव के रहने वाले बाबूराम के खेत में तेल ही तेल है. यहां 2000 से 2500 फिट की गहराई तक खुदाई की जा सकती है. ओएनजीसी के इंजीनियर्स और एक्सपर्ट की टीम यहां की जांच करके जा चुकी है. अब कर्मचारियों को खुदाई के लिए लगाया गया है. अभी तक करीब 100 फिट खुदाई की जा चुकी है और हो सकता है कि ये खुदाई 2 हजार फिट से भी ज्यादा करनी पड़े. किरठल गांव के करीब 3 किलोमीटर के एरिए में ये खुदाई की जाएगी. धीरे धीरे यह कार्य छपरौली के राठौड़ा गॉव के जंगल तक किया जा सकता है क्योंकि राठौड़ा और किरठल गॉव के खेत आपस में मिले हुए हैं. यदि यहां तेल का भंडार मिल गया तो हो सकता है बागपत की किस्मत ही बदल जाए.

हर रोज जितनी खुदाई की जा रही है उसकी रिपोर्ट दिल्ली और कोलकाता भेजी जा रही है. धीरे-धीरे खुदाई के काम में भी तेजी आएगी. लेकिन इतना जरूर है कि बागपत में तेल भण्डार मिलने के संकेत ने बागपत के लोगों की उम्मीदों को नए सपने दिखा दिए हैं.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।