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पहले चरण के चुनाव की प्रक्रिया शुरू

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 18 2019 5:44PM
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लखनऊ. 11 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए आज 18 मार्च (सोमवार) को नामांकन के साथ  2019 के लोक सभा चुनाव के लिए सियासी संग्राम शुरू हो गया. यूपी में पहले चरण में 8 लोकसभा सीटों पर चुनाव होगा. 18 मार्च से प्रदेश की जिन लोकसभा सीटों पर नामांकन किया जाना है उनमें सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर शामिल हैं.

प्रथम चरण में उत्तर प्रदेश में जहां चुनाव होने हैं वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का इलाका है. जहां कभी मुद्दा किसानों का हुआ करता था लेकिन आज मुद्दा राजनैतिक दल साम्प्रदायिकता स्वीकार करने पर तुले हुए हैं. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चौधरी चरण सिंह के जमाने में लोकदल का दबदबा होता था, हालांकि कुछ समय तक उनके पुत्र अजीत सिंह दबदबा बनाए रहे. लेकिन उसको संभाल नहीं पाए और 2014 और 17 में वहां भारतीय जनता पार्टी का दबदबा कायम हो गया.

प्रथम चरण में होने वाले चुनाव में सहारनपुर, कैराना, मुज़फ्फरनगर, बिजनौर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जायेगी. यह 8 सीट हैं जहाँ पहले फेज में चुनाव होना है. यहाँ पर भारतीय जनता पार्टी ने पिछली लोकसभा चुनाव में झंडा बुलंद किया था, लेकिन विपक्ष भारतीय जनता के खिलाफ लामबंद है. विपक्षी पार्टियों ने आरोप लगाया कि किसानों के गन्ना नौजवानों की बेरोजगारी भूल कर एक बार फिर वहां पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कराना चाहती है, लेकिन वहीं विपक्षी पार्टियों का आरोप के नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि सपा के जमाने में सबसे बड़ा दंगा हुआ था. योगी सरकार के 2 साल बीत गए एक भी दंगा नहीं हुआ. गन्ना किसानों के लिए काम हुआ है और गन्ना मिलों की क्षमता बढ़ाई गई है.

वहीं वरिष्ठ पत्रकार योगेश मिश्रा का कहना है लव जिहाद ऐसा मुद्दा था जिससे वहां पर वोट पोलराइज हो गए और मुजफ्फरनगर जो दंगा हुआ वह कहीं न कहीं लव जिहाद का ही उदाहरण था, लेकिन इस बार विपक्षी दल कास्ट के समीकरण बनाकर बीजेपी को पटखनी देने के मूड में हैं.


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