आप यहां हैं : होम» राज्य

ब्रज में हर तरफ है होली की धूम

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 21 2019 9:35AM
Mathura-holi_20193219354.jpg

मथुरा. ब्रज में होली की धूम चारों तरफ है. हर कोई रंगों की मस्ती में मस्त है, और भगवान के साथ होली खेलकर अपने को धन्य कर रहा है. इसी भाव से आज भगवान बाल कृष्ण की नगरी गोकुल में होली खेली गई. यहाँ की होली की विशेषता यह थी कि यहाँ पर लाठियों की जगह छड़ी से होली खेली जाती है.

भगवान श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ, लेकिन उनका बचपन गोकुल में गुजरा. यही भाव आज तक गोकुलवासियों के अन्दर है. यही कारण है कि यहाँ की होली आज भी पूरे ब्रज से अलग है. भक्ति भाव से भक्त सबसे पहले बाल गोपाल को फूलों से सजी पालकी में बिठाकर नन्द भवन से मुरलीधर घाट ले जाते हैं. जहाँ भगवान बगीचे में बैठकर भक्तों के साथ होली खेलते हैं.

जिस समय बाल गोपाल का डोला नन्द भवन से निकलकर मुरलीधर घाट तक पहुँचता है उस दौरान साथ चल रहे भक्त होली के गीतों पर नाचते हैं, गाते हैं, और भगवान के डोले पर पुष्प वर्षा करते हैं. सैकड़ों वर्षों से चली आ रही इस होली की सबसे खास बात यह है कि जब भगवान बगीचे में बैठकर भक्तों के साथ होली खेलते हैं उस दौरान हुरियारिन भगवान और श्रद्धालुओं के साथ छड़ी से होली खेलती हैं. ब्रज में सभी जगह होली लाठियों से खेली जाती है लेकिन गोकुल में भगवान का बाल स्वरुप होने के कारण होली छड़ी से खेली जाती है. जिसका आनंद न केवल गोकुल वाले बल्कि देश के कई इलाकों से हज़ारों भक्त भी लेते हैं.

गोकुल में होली द्वादशी से शुरू हो कर धुल होली तक चलती है. इस दौरान भगवान केवल एक दिन द्वादशी के दिन ही नन्द भवन से निकलकर होली खेलते हैं और बाकी के दिन मंदिर में ही होली खेली जाती है.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।