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छात्राओं के लिए जेल बन गया है यह स्कूल

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 21 2018 5:07PM
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अलीगढ़. जिले के ब्लॉक लोधा के मडराक स्थित कस्तूरबा गाँधी कन्या आवासीय विद्यालय से एक दी दहला देने वाला वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में छात्राओं को शिक्षिकाओं द्वारा क्रूरता के साथ मारने पीटने की तस्वीरें नज़र आ रही हैं.

स्कूल की टीचर स्टाफ के बताए काम को मना करने पर छात्राओं के साथ क्रूरता से लाठी डंडों से पिटाई की जाती है. छात्राओं से टॉयलेट की सफाई करायी जाती है, आवास और स्कूल परिसर साफ़ कराया जाता है. पढ़ने वाली छात्राओं से टीचर स्टाफ पढ़ाई के वक्त भी कराती हैं खुद के काम. स्कूल में पढ़ने वाली बच्चियों और परिजनों ने बताई दिल दहला देने बातें. यह मामला सामने आने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है.

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार बच्चियों को पढ़ा लिखाकर आगे बढ़ाने की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन उन्हीं की सरकार में चलाए जा रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में जो हो रहा है वह शायद ही अब किसी से छिपा हुआ है. जिसके बाद हर स्कूल और आवास की गहनता से जांच कर सरकार को अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट भेजी गई थी, लेकिन हर जिले के प्रशासन द्वारा शासन को जो रिपोर्ट भेजी गई थी.

अलीगढ़ के कस्बा मडराक स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में गरीब परिवार अपनी बच्चियों को सरकार, जिला प्रशासन और टीचर स्टाफ के भरोसे अपने से दूर रखकर पढ़ने लिखने के लिए भेजते हैं, लेकिन उनके कलेजे के टुकड़े (छात्राओं) के साथ टीचर स्टाफ कितनी क्रूरता से पेश आता है, इसका साक्ष्य वीडियो सामने आने के बाद पता चल सका है. यहां छात्राओं को सुबह 4:00 बजे नींद से जगा कर टॉयलेट साफ कराया जाता है. आवास और स्कूल परिसर के फर्श, दीवार, सीढ़ियां, छत, पंखे, क्लासरूम हर जगह सफाई कराई जाती है. उसके बाद सभी छात्राओं से किचन के अंदर आटा गूंथना, रोटी बनाना, चूल्हा चलाना, सब्जी काटने जैसे कार्य में लगा दिया जाता है.

स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं बता रही हैं कि टीचर स्टाफ पढ़ाई के वक्त अपनी सेवा करवाती हैं. उनके हाथ पैर दबाने पड़ते हैं. कपड़े प्रेस करने पड़ते हैं. अगर यह काम बच्चियों ने नहीं किए तो उनके साथ क्रूरता से पेश आया जाता है. बच्चियों को बाल पकड़कर, चोटी पकड़कर घसीट कर स्कूल में पढ़ने वाली सभी छात्रों के सामने ले जाकर जमीन पर डाल दिया जाता है और लाठी डंडे लात घूंसों से पिटाई की जाती है. अन्य छात्रों के सामने इस वजह से किया जाता है की सभी को दिख जाए यहां पढ़ने वाली छात्राओं ने टीचर स्टाफ का बताया हुआ काम नहीं किया तो उसके साथ भी इसी तरह का हश्र किया जाएगा.

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राएं और उनके परिजन बता रहे हैं कि इस स्कूल की वार्डन उपासना जो कि कंप्यूटर की टीचर हैं. पारुल वार्ष्णेय जो की हिंदी की टीचर है, गुंजन पांडे जो छात्राओं को संगीत पढ़ाती है, यह तीनों मिलकर छात्राओं को अपने नौकर की तरह रखती हैं. सभी काम कराती हैं इतना ही नहीं छात्राएं बता रही हैं कि उनसे कक्षा में पढ़ाते समय  टीचर कहती हैं कि तुम सभी अपने परिवार पर बोझ हो. इसी वजह से इस आवासीय विद्यालय में भेजा गया है. यहां तुम ठूंस ठूंस कर खाने के लिए आते हो. तो वहीं दूसरी छात्रा कह रही है कि यहां पर खाने के लिए दिए जाने वाले दूध और अन्य खाद्य सामग्री पूर्ण रूप से नहीं दी जाती. शिकायत करने पर मारपीट करते हैं,

आवासीय स्कूल में पढ़ने वाली छात्रा अब टीचर स्टाफ से डरी और सहमी हुई रहती हैं, क्योंकि कई बार उनके साथ मारपीट की जा चुकी है और आए दिन होती रहती है. यह आवासीय विद्यालय अब छात्राओं के लिए जेल बन गया है. इस संबंध में जब बीएसए को दिल दहला देने वाली क्रूरता भरी मारपीट समेत सभी वीडियो को दिखाया गया तो बीएसए लक्ष्मीकांत पांडे ने जांच कर एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई की बात कही है.


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