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बदरीनाथ के लिए रवाना हुई भगवान नारायण की गद्दी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: May 8 2019 4:24PM
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जोशीमठ. पृथ्वी पर भू बैकुंठ के नाम से पुकारे जाने वाले श्री बदरीनाथ धाम जी के कपाट खुलने की वैदिक प्रक्रियाएं जोशीमठ के नृसिंह बदरी मंदिर में शुरू हो चुकी हैं. जोशीमठ से आज भगवान नारायण की गद्दी बदरीनाथ के लिए रवाना हो गई है. विविध वैदिक पूजाओं को संपादित करने के बाद डोली बदरीनाथ के लिए रवाना हुई.

श्री बदरीनाथ जी के कपाट 10 मई को प्रातः 4 बजकर 15 मिनट पर खोले जायेंगे, लेकिन चली आ रही परंपराओं के अनुसार नृसिंह बदरी जोशीमठ से भगवान की डोली रवाना हुई. इसके तहत सबसे पहले बदरीनाथ के मुख्य पुजारी जिन्हें रावल कहा जाता है के सानिध्य में धर्माधिकारी एवं वेदपाठियों ने खोली पूजन, गणेष पूजन, नृसिंह एवं नवदुर्गा वासूदव पूजन, महालक्ष्मी पूजन किया. जिसके बाद श्री बदरीनाथ के जयघोष के बीच एवं सेना के बैंडों की मधुर स्वरलहरियों के बीच डोली एवं गाडु घड़ी कलश भक्तों के हुजूम के बीच रवाना हुआ. महिलाओं ने मंगल गीत गाकर सुखद बदरीनाथ की यात्रा की मनौतियां मांगीं.

आपको बता दें कि आराध्य डोली एवं रावल जी आज रात पड़ाव स्थल पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम करेंगे. व कल प्रातः बदरीनाथ जी के पंचायत में शामिल उद्धव एवं कुबेर के चल विग्रहों के साथ बदरीनाथ को रवाना होंगे, व देर शाम बदरीनाथ पहुंचेंगे.

परंपरानुसार आज रात पांडुकेश्वर गांव में भगवान की पूजा की जायेगी व कल गांव के मंदिरों से उद्धव जी एवं कुबेर जी को अराध्य डोली के साथ बदरीनाथ को रवाना किया जायेगा.


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