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पद्मश्री और अर्जुन अवार्ड लौटाएगा मोहम्मद शाहिद का परिवार

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jul 18 2018 3:40PM
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वाराणसी. प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सरकारी महकमे की अनदेखी की वजह से हॉकी प्लेयर मोहम्मद शाहिद के परिजनों द्वारा पद्मश्री सहित तमाम एवार्ड सरकार को वापस किए जाने के ऐलान के बाद हड़कंप मचा हुआ है. खेल जगत हो या राजनैतिक सभी जगह मोहम्मद शाहिद के परिवार के द्वारा लिए गए इस निर्णय की चर्चा हो रही है.

जहां एक तरफ परिवार के ऐलान के बाद सरकार बैकफुट पर नजर आ रही है और लगातार परिवार को एवार्ड वापस नहीं करने की अपील कर रही है तो वहीं विपक्ष पुरस्कार लौटाने को लेकर सरकार को घेरने में लगा हुआ है. विपक्ष अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के परिवार के साथ खड़ा नजर आ रहा है.

वाराणसी में मोहम्मद शाहिद के परिवार के लोगों ने जैसे ही सरकारी महकमे की अनदेखी का आरोप लगाकर पद्मश्री, अर्जुन एवार्ड, लक्ष्मण एवार्ड सहित तमाम पुरस्कार सरकार को लौटाने की बात कही वैसे ही सरकारी महकमे में हड़कंप मच गया. उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने तत्काल अपने दूत के रूप में वाराणसी के जिलाधिकारी को मोहम्मद शाहिद के परिजनों से मुलाकात कर उनकी सभी मांगों की रिपोर्ट मंगाने के साथ उनको एवार्ड वापस जैसे निर्णय को वापस करने की अपील की.

उत्तर प्रदेश सरकार के दूत के रूप में मोहम्मद शाहिद के परिजनों से मिलने पहुँचे जिलाधिकारी ने परिवार की समस्याओं को सुना और एक दिन की मोहलत माँगी. उनकी मांगों पर सरकार द्वारा वार्ता कर विचार करने की बात कही गई है. ऐसे में परिवार उनकी मोहलत का इंतजार कर रहा है. वहीं बीजेपी सहित तमाम राजनैतिक दल के साथ अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी भी इस मामले में अब खुलकर सामने आ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता अशोक पांडेय ने इस प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. परिवार से अवार्ड वापस न करने की अपील की और कहा कि वह सरकार से परिवार की समस्याओं को लेकर बात करेंगे.

वहीं इस मामले को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने में लगा हुआ है. बसपा के नेता एवं पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी ने एवार्ड वापस किए जाने को दुर्भाग्य पूर्ण बताते हुए सरकार पर निशाना साधा. अंबिका चौधरी ने कहा कि सरकार की अनदेखी की वजह से आज एक महान खिलाड़ी के परिवार को ऐसा निर्णय करना पड़ है, जो बेहद ही निंदनीय है.

वहीं कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं लोकसभा के प्रत्याशी अजय राय ने सरकार द्वारा वादा खिलाफ़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार मोहम्मद शाहिद के साथ - साथ पूरे देश के साथ वादा खिलाफी करने में लगी है. ऐसे में सरकार को चाहिए कि मोहम्मद शाहिद के नाम पर वाराणसी में स्टेडियम सहित ऐसे कार्य करना चाहिए, जिससे मोहम्मद शाहिद का नाम जिंदा रहे. तो वहीं अंतराष्ट्रीय खिलाड़ी नीलू मिश्रा ने भी शाहिद के परिवार के निर्णय को सही बताया और कहा कि परिवार ने जो किया वह बहुत पहले करना चाहिए था. हम उनके इस निर्णय के साथ हैं.


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