आप यहां हैं : होम» धर्म-कर्म

नवरात्रि के आठवें दिन माँ गौरी की पूजा

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 17 2018 4:37PM
mahagauri_20181017163733.jpg

प्रतापगढ़. कलश स्थापना के साथ शुरू हुई शारदीय नवरात्रि की अष्टमी जिले में धूमधाम से मनाई जा रही है. नवरात्रि के आठवें दिन आज माँ गौरी की पूजा अर्चना के लिए प्रतापगढ़ के मंदिरों में सुबह से ही भीड़ लगी हुई है. माँ गौरी को प्रसन्न करने के लिए भक्त सुबह से ही मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना कर रहे हैं और चारों तरफ माँ के जयकारे से गुंजमाय है. भक्त सिर्फ यही कह रहे हैं कि देवी की  जयकार से बरसेगी कृपा अपार.

यह है प्रतापगढ़ की आदि शक्ति पीठो में एक प्राचनीतम दुर्गा मन्दिर  बेल्हा देवी धाम. बेल्हा देवी के नाम से ही प्रतापगढ़ जनपद का नाम अभिलेखों में आज भी बेल्हा है. वैसे तो बेल्हा देवी मंदिर धाम के बारे में कई मान्यताएं हैं लेकिन यहाँ के पंडा बताते हैं कि मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है. जिसका उल्लेख शास्त्रों और पुराणों में है. कहा जाता है की भगवन शिव शंकर के अपमान से क्षुब्ध होकर जाते समय माँ पार्वती (गौरी ) के कमर (बेल ) का कुछ भाग इस सई नदी किनारे गिर गया था. तभी से इसका नाम बेल्हा देवी पड़ा. इसको शक्ति पीठ कहा जाता है.

मंदिर के बारे में धार्मिक मान्यता यह भी है कि त्रेता युग में वन जाते समय श्री राम ने सई नदी के किनारे आदि शक्ति का पूजन करके अपने संकल्प को पूजा करने के लिए ऊर्जा ली थी. श्री राम सई नदी के तट पर रुके थे, जिसका उल्लेख गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामायण में भी है.

वैसे तो माँ बेल्हा देवी के मंदिर में अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए प्रतिदिन दर्शन करने आते हैं और यहाँ पर प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार मेला भी लगता है, लेकिन यह भीड़ नवरात्रि में और अधिक बढ़ जाती है, और दूर दराज़ से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आदि शक्ति पीठ माँ बेल्हा आते हैं.

सुबह 4 बजे से ही सैकड़ों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु और भक्त दर्शन कर मन्नतें मांग रहे हैं. सुबह से मंदिर जयकारे से गुंजायमान हो गया और मन्दिर के बाहर भक्तों का तांता लगा हुआ है.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।