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हेमकुंड साहिब में हुई खुशहाली की प्रार्थना

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 3 2019 1:00PM
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देहरादून. सिक्खों के प्रसिद्ध धाम हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को सुबह सवा 10 बजे खोल दिए गए. इस दौरान सबसे पहले कीर्तन और उसके बाद गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र पुस्तक को हेमकुंड साहिब के गुरुद्वारे में विराजमान किया गया. उसके बाद इस वर्ष की पहली अरदास पढ़ी गई. विभिन्न प्रांतों से आए हुए सिख श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में माथा टेककर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की.

गुरु गोबिंद साहिब से प्रार्थना के दौरान लगभग 9000 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब पहुंचे. इस बार यात्रा में लगभग 3 किलोमीटर तक बर्फ की गलियां बनाई गई हैं. हेमकुंड साहिब में अभी भी 10 से 15 फीट बर्फ है. जबकि पैदल रास्ते पर 6 से 8 फीट बर्फ जमी हुई है. वहीं पवित्र सरोवर भी अभी भी बर्फबारी के बीच पटा हुआ है. हेमकुंड साहिब में चारों तरफ केवल बर्फ ही बर्फ दिखाई दे रही है. रास्तों पर बर्फबारी के बाद भारी फिसलन हो रही है. जिससे तीर्थ यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है.

गोविन्द घाट गुरुद्वारा में अखण्ड साहिब के पाठ, भजन एवं कीर्तन कर पंच प्यारों की अगुवाई में हेमकुण्ड साहिब की यात्रा के लिए पहला जत्था शुक्रवार को रवाना हुआ. हेमकुण्ड साहिब यात्रा के पहले जत्थे में ही 8 हजार से अधिक श्रद्धालु हेमकुण्ड के लिए रवाना हुए. इस बार भारी बर्फवारी होने से हेमकुण्ड में अभी भी बर्फ जमी होने के कारण कुछ समस्याएं जरूर हैं, फिर भी यात्रा को सफल एवं सुगम बनाने के लिए हर सम्भव तैयारियां की गई हैं.

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग पर पूरी सुविधाऐं मिलें, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया जा चुका है, और जो भी कमियां रह गई हैं उसे शीघ्र दूर करने का प्रयास किया जाएगा. इस वर्ष चारों धामों में यात्रा पूरे जोर-शोर से चल रही है. देश-विदेश से हजारों तीर्थयात्री व पर्यटक हर रोज पवित्र धामों के दर्शन कर रहे हैं.

हेमकुण्ड साहिब की यात्रा शुरू होने से रिर्काडतोड़ यात्री इस वर्ष पवित्र धामों की यात्रा पर आ रहे हैं. प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हेमकुण्ड साहिब के कपाट पहली जून को पूरे विधि विधान के साथ भक्तों के लिए खोल दिये गए. गुरूग्रन्थ साहिब को पंच प्यारों की अगुवाई में सच्च खण्ड से दरबार हाल में लाया गया. अरदास के साथ सुखमनी साहिब के पाठ तथा शब्द कीर्तन किया गया. उसके बाद दोपहर में दूसरी अरदास के साथ हुकम नामा लिया गया और श्री श्री हेमकुण्ड साहिब का इतिहास भक्तों को बताया गया.

बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोविन्द घाट से करीब 21 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद 15 हजार फुट की ऊॅचाई पर स्थित तीर्थस्थल हेमकुण्ड साहिब पहुंचा जाता है. गोविन्द घाट से पुलना तक 3 किलामीटर की दूरी वाहन से तथा बाकी पैदल ही तय करनी पड़ती है. हिमालय की चोटियों के बीच में स्थापित सुन्दर एवं रमणीक तीर्थ स्थल हेमकुण्ड साहिब में एक विशाल सरोवर है, वहीं हेमकुण्ड गुरुद्वारा बनाया गया है. जहाँ सिक्खों के गुरू गुरुगोविन्द सिंह ने तपस्या की थी.


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