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उत्तराखंड के जंगलों में आर्टिफिशियल बारिश की तैयारी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 9 2019 7:27PM
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आशीष रमोला

देहरादून. उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग पर काबू पाने के लिए अरब देशों की तर्ज पर अब उत्तराखंड में भी आर्टिफिशियल बारिश की तैयारी की जा रही है. जिसका खाका वन विभाग के आला अफसरों ने तैयार कर लिया है और उन देशों के आर्टिफिशियल बारिश के एक्सपर्ट से संपर्क किया जा रहा है. जिन देशों में ऐसी परिस्थितियों में आर्टिफिशियल बारिश कराई जाती है.

उत्तराखंड में जंगलों की आग सबसे बड़ा विषय है. हर साल हजारों हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में खाक हो जाते हैं. साथ ही इससे जंगली जानवर एवं वन संपदा भी पूर्ण रूप से नष्ट हो जाती है. लगभग 5 सालों से बदस्तूर उत्तराखंड की वन संपदा जंगल आग की चपेट में खत्म हो गए हैं. वन संपदा को बचाने के लिए वन विभाग एक नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने जा रहा है. जिसके ज़रिये धू-धू कर जल रही उत्तराखंड की वन संपदा बचेगी. साथ ही सूखे पड़ने जैसी हालात पर भी काबू पाया जा सकेगा.

उत्तराखंड का वन विभाग अरब देशों से संपर्क कर अब उत्तराखंड में आर्टिफिशियल बारिश करने जा रहा है. जिसके लिए वन विभाग की ओर से पूरा खाका तैयार कर लिया गया है और जल्द ही अन्य देशों की तरह उत्तराखंड में भी आर्टिफिशियल बारिश देखी जा सकेगी. लेकिन यह टेक्नोलॉजी कितनी कारगर साबित होगी, फिलहाल कुछ कहा नहीं जा सकता, लेकिन अरब देशों की तर्ज पर शुरू होने वाली टेक्नोलॉजी अगर सही साबित होती है तो शायद हर साल धू-धू कर जलने वाली उत्तराखंड की वन संपदा और जंगल बच पाएंगे.

पर्यावरणविद अनिल जोशी का कहना है की प्रकृति के सामने प्राकृतिक संसाधन सटीक नहीं बैठते, और जलवायु परिवर्तन का मामला हो तो आर्टिफिशियल बारिश की बजाय हम प्रकृति से जुड़ें. हमको यह कोशिश करनी चाहिए कि उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने से पहले हम ऐसी स्थिति रखें ताकि हम बड़ी संख्या में जंगलों के बीच पानी रख पायें और प्रकृति को बचा पायें. साथ ही अन्य ऐसे संसाधन जुटाएं ताकि आग लगने से पहले अन्य कार्य संपन्न हो जाएँ. जो घटनाएं होती हैं उस पर तुरंत विराम लग जाए.


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