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काम के दबाव से तंग एसडीएम ने दिया इस्तीफ़ा

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 6 2019 4:20PM
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रुद्रप्रयाग. केदारनाथ धाम में अव्यवस्थाएं हावी होने से अधिकारियों ने ड्यूटी करने से हाथ खड़े कर दिये हैं. पिछले एक सप्ताह से केदारनाथ में यात्रियों की संख्या ज्यादा बढ़ गई है. यात्रियों के बढ़ते दबाव से अधिकारी काफी परेशान हैं और वे दिमागी संतुलन खो रहे हैं. ऐसे में वे अपने पदों से इस्तीफा देने से भी नहीं चूक रहे हैं. दरअसल, केदारनाथ में तैनात एसडीएम एवं यात्रा मजिस्ट्रेट गौरव चटवाल धाम में फैली अव्यवस्थाओं से परेशान होकर चले गये हैं. उन्होंने धाम छोड़ने से पहले जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल को बताना भी उचित नहीं समझा. एसडीएम चटवाल ने अपर मुख्य सचिव कार्मिक के नाम लिखा त्याग पत्र जिलाधिकारी को भेजा और धाम को छोड़कर सीधे अपने घर को निकल गए. प्रशासन की ओर से मामले को छुपाने की काफी कोशिश की गई, लेकिन सच आखिर में बाहर आ ही गया.

नैनीताल की कोश्या कुटौली तहसील में रुड़की निवासी एसडीएम चटवाल ने 17 मई को धाम में अपनी सेवाएं देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रमण कार्यक्रम को लेकर यात्रा मजिस्ट्रेट के रूप में ड्यूटी की, लेकिन इसके बाद बढ़ते यात्रा दबाव से वे घबरा गये और आये दिन बढ़ रही यात्रा की संख्या को देखते हुए उन्होंने यहां से भागना ही मुनासिब समझा और आखिर 31 मई को उन्होंने धाम में कार्य करने से हाथ पीछे कर दिये. अपर मुख्य सचिव को संबोधित त्यागपत्र एसडीएम चटवाल ने डीएम मंगेश घिल्डियाल को भेजा, जिसमें उन्होंने साफ-साफ लिखा है कि वे केदारधाम में कार्य करने में असमर्थ हैं.

कुल मिलाकर देखा जाय तो धाम में अव्यवस्थाओं के कारण अधिकारी भी खासे परेशान हैं. आये दिन यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है. 20 से 22 हजार के करीब तीर्थयात्री धाम पहुंच रहे हैं. धाम में रहने व खाने से लेकर अन्य व्यवस्थाओं के जुटाने के बजाय अधिकारी अपने कर्तव्यों से दूर हो रहे हैं. ऐसे में धाम में व्यवस्थाओं को जुटाना मुश्किल हो रहा है. वहीं अधिकारियों के ड्यूटी से भागने की खबर को विपक्ष ने प्रमुखता से लिया है.

विपक्ष की मानें तो सरकार चारधामों में व्यवस्थाएं जुटाने में नाकाम साबित हो रही है. पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस वरिष्ठ नेता मंत्री प्रसाद नैथाणी ने कहा कि भाजपा सरकार में आम जनता त्रस्त है. चारधाम यात्रा में आने वाले तीर्थयात्रियों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है. पेयजल, शौचालय, बिजली एवं पानी की परेशानी हो रही है, जबकि राजमार्गों पर घंटों का जाम लग रहा है, जिस कारण श्रद्धालुओं के साथ ही अधिकारी भी परेशान हो रहे हैं.


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