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राहुल को घेरने फिर अमेठी आ रही हैं स्मृति ईरानी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Dec 16 2018 1:47PM
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योगेन्द्र श्रीवास्तव

अमेठी. तीन राज्यों में भाजपा को भले ही शिकस्त मिली हो लेकिन केन्द्र और राज्य की सरकार राहुल के संसदीय क्षेत्र अमेठी में उन्हें घेरने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है. 2019 का लोक सभा चुनाव जैसे जैसे करीब आ रहा है वैसे वैसे केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के दौरे भी बढ़ते जा रहे हैं. प्रत्येक दौरे पर करोड़ों की विकास योजनाओं का सिलन्यास और उदघाटन कर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना  साधती हैं और अमेठी के विकास कार्यों को लेकर उनसे सवाल भी करती हैं.

स्मृति ईरानी 19 नवम्बर को 80 करोड़ की योजनाओं की सौगात देकर जा चुकी हैं. अब अमेठी संसदीय क्षेत्र के सलोन विधानसभा क्षेत्र में 23 दिसम्बर को फिर कई बड़ी सौगातें देने के लिए आ रही हैं. केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र के कुम्हारों को कौशल विकास योजना के तहत इलेक्ट्रिक चाक देने के साथ ही छतोह में कई बड़ी परियोजनाओं की भी सौगात अमेठी लोक सभा क्षेत्र में देंगी. इस बार वे मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हारों को इलेक्ट्रिक चाक और कच्चे बर्तनों को पकाने के लिए एक सार्वजनिक भट्टी स्थापित कराएंगी. उनकी इस योजना का लाभ अमेठी की पाँचों विधानसभा के कुम्हारों को मिलेगा.

अमेठी में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष योगेन्द्र मिश्र का कहना है कि स्मृति ईरानी इलेक्ट्रानिक चाक दे नहीं रही हैं. सिर्फ कह रही हैं. जैसे और योजनाओं के बारे में कहा और दिया कुछ नहीं. चाहे न्युमेलीक योजना हो, चाहे कबेरियन गाय बांटने की योजना हो, चाहे वन डिस्ट्रिक वन प्रोजेक्ट योजना हो, सब केवल कहती रही हैं. दिया कुछ नहीं, उसी तरह इलेक्ट्रानिक चाक की भी बात है. जहाँ तक बिजली आपूर्ति की बात है, गाँव का गरीब किसान एक बल्ब नहीं जला पा रहा है. जितना महंगा कर दिया है योगी की सरकार ने. तो इलेक्ट्रानिक चाक कहाँ से चलाएंगे. उसकी मिट्टी कहाँ से पायेंगे और यह केवल कहने वाली बात है. करना कुछ नहीं है. केवल एक दिखावा है. यहाँ आना मीडिया के मध्यम से प्रचार पाना, यही स्मृति जी का काम है.

कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आरोप के जवाब में बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस विपक्ष में है. यह उनका काम भी हो सकता है. स्मृति 23 दिसम्बर को सलवान विधानसभा के ब्लाक छतोह में आ रही हैं. वहां पर वह पूरी लोकसभा के कुम्हार को इलेक्ट्रिक चाक वितरित करेंगी. जो लोग उस में नामित हुए हैं कांग्रेस को खुली आंखों से देख लेना चाहिए. वहां धरातल पर काम हो रहा है, कि नहीं हो रहा है, आपने नीम की निमोली के बारे में पूछा हम आपको बता देना चाहते हैं कि पूरे अमेठी लोकसभा क्षेत्र में लगभग 56 लाख रुपए की नीम की निमोली खरीदी गई है, और यह फायदा किसानों को ही हुआ है. आम आदमी का हुआ है जिन्होंने नीम की निमोली इकट्ठा करके एकत्र करके बेचा है. उन एजेंसियों ने खरीदा है, जिनको स्मृति ईरानी द्वारा यहां भेजा गया है. कांग्रेस को यह देख लेना चाहिए जो उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष सांसद ने साढ़े 14 साल में जो नहीं किया है, वह काम स्मृति ईरानी ने साढ़े 4 साल में किया है.

मिट्टी के बर्तनों के निर्माता विन्द्यादीन प्रजापति का कहना है कि चाक लेने से आय नहीं बढ़ेगी. जब मिट्टी नहीं मिलेगी तो हम क्या करेंगे. हम लोगों को मिट्टी चाहिए. कहीं पट्टा दिया जाय. कहीं तालाब का पट्टा दिया जाये. जहाँ मिट्टी है. तो लाभ बढ़ेगा. इस चाक से क्या लाभ बढ़ेगा. इलेक्ट्रॉनिक चाक से हमें कोई फायदा नहीं है. हमें जब मिट्टी नहीं मिल रही है. तालाब से कोई मिट्टी खोदने नहीं दे रहा है. ईंधन कन्डा कहीं मिल नहीं रहा है. इलेक्ट्रॉनिक चाक का क्या करेंगे. चाक से कोई मतलब नहीं है. मेहनत मजदूरी कर के इससे किसी तरह खा ले रहे हैं. इलेक्ट्रानिक चाक का कोई मतलब नहीं है.


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