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स्मृति ईरानी के करीबी पूर्व प्रधान की गोली मारकर हत्या

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: May 26 2019 7:07PM
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अमेठी. चुनाव खत्म होते ही शुरू हो गया हत्या का सिलसिला. ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की थाना जामो का है. जहाँ केन्द्र सरकार की मंत्री और नवनिर्वाचित सांसद स्मृति ईरानी के करीबी माने जाने वाले सुरेन्द्र सिंह की हत्या कर दी गई. कल केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की जीत का जश्न मनाने के बाद घर लौटे नवनिर्वाचित सांसद के करीबी बरौलिया के पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह को अज्ञात बदमाशों ने घर पर ही सोते समय गोली मार दी और फरार हो गए. ट्रामा सेंटर ले जाते समय पूर्व प्रधान सुरेन्द्र की रास्ते में ही मौत हो गई.

बरौलिया गाँव में स्मृति ईरानी ने जूता चप्पल बांटा था. जिस पर प्रिंयका गाँधी वाड्रा ने कहा था कि जूता बाटकर अमेठी की जनता की बेइज्जती की है. अपमान किया है. इसी गाँव को गोवा के स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने गोद ले रखा था.

मृतक पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह के भाई धीरेंद्र का कहना है कि उनके भाई की किसी से दुश्मनी नहीं थी. ये घटना चुनावी रंजिश के कारण हुई है.

बीजेपी नेता पूर्व प्रधान का पर्थिव शरीर शव बरौलिया गाँव पहुंचा तो  जिला पुलिस प्रशासन के साथ बीजेपी सलोन विधायक दल बहादुर कोरी और बीजेपी नेताओं के पहुँचने का ताँता लग गया. पर्थिव शरीर को देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी. केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी यह खबर सुनते ही दिल्ली से अमेठी के लिए रवाना हो गईं. उन्होंने अमेठी पहुंचकर न सिर्फ सुरेन्द्र सिंह के शव को नमन किया बल्कि उनके शव को कन्धा भी दिया.

स्मृति ईरानी के करीबी बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह ने इस चुनाव में काफी मेहनत की थी. उनकी हत्या के मामले में पुलिस सतर्क हो गई. कई लोगों को हिरासत में लिया गया.

उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, राज्य मंत्री सुरेश पासी के पहुँचने की सम्भावना को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमेठी राजेश कुमार ने गांव में कई थानों की फोर्स लगा दी. ग्रामीणों में इस घटना से भारी आक्रोश है.

तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया सुरेन्द्र सिंह के शव का पोस्टमार्टम किया. इस पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई. लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर अमेठी पहुंचे. पोस्टमार्टम कराने आए पूर्व प्रधान के बेटे अभय प्रताप सिंह ने बताया कि बारात से लौट कर रात 11 बजे सुरेन्द्र सिंह घर पहुंचे थे. थोड़ी देर में ही अज्ञात बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी. अभय ने बताया कि चुनाव के दौरान कांग्रेसी समर्थकों से उनकी अक्सर नोकझोंक होती रहती थी. वैसे कोई निजी दुश्मनी नहीं थी. अभय प्रताप सिंह ने उच्चस्तरीय जांच की मांग रखी.


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