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गंगा के लिए अनशन कर रहे स्वामी आत्मबोधानंद ने श्री श्री को बैरंग लौटाया

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Apr 11 2019 9:40AM
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हरिद्वार. गंगा की रक्षा, निर्मलता व अविरलता के लिए पिछले 169 दिनों से अनशन पर बैठे मातृ सदन आश्रम के संत स्वामी आत्मबोधानंद ने आज श्री श्री रविशंकर को बैरंग लौटा दिया. श्री श्री आत्मबोधानंद का अनशन तुड़वाने के लिए हरिद्वार आये थे. अनशनरत संत ने श्री श्री को दो टूक लफ्जों में कह दिया कि जब तक सरकार गंगा की रक्षा के लिए कानून नहीं बनाएगी तब तक वह अनशन नहीं तोड़ेंगे.

आत्मबोधानंद ने कहा कि श्री श्री सरकारी दूत बनकर केवल अपनी कहने आये थे. उन्होंने हमारी सुनी ही नहीं. उधर श्री श्री ने कहा कि उन्होंने अनशनरत संत से अनशन तोड़ने की अपील की है.

आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने अनशनरत संत से अनशन खत्म करने की अपील की. उन्होंने संत से कहा कि गंगा की रक्षा बलिदान देने से नहीं कुछ ठोस काम करने से हो सकेगी. हमें गंगा की अविरलता और प्रदूषण को रोकने के लिए काम करना चाहिए.

गंगा के लिए मातृ सदन आश्रम लंबे समय से संघर्ष करता आ रहा है. साल 2010 में आश्रम के एक संत निगमानंद की भी अनशन के दौरान मौत हो गई थी. अब पिछले 169 दिनों से आश्रम के एक युवा संत स्वामी आत्मबोधानंद अनशन पर बैठे हुए हैं. उनकी मांग है कि गंगा की निर्मलता अविरलता के लिए और गंगा नदियों से खनन पर प्रतिबंध लगाने के लिए केन्द्र सरकार कानून बनाये. अपनी इसी मांग को लेकर पिछले साल ही स्वामी ज्ञान स्वरूपानन्द उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की भी अनशन करते हुए मौत हो गई थी.

अनशनरत संत मातृ सदन आश्रम वीओ आत्मबोधानंद लगभग साढ़े पांच महीने से अनशन पर बैठे हैं लेकिन सरकार उनके अनशन को तवज्जो नहीं दे रही है. अब अचानक ही उनका अनशन तुड़वाने के लिए जिस तरह से श्री श्री हरिद्वार पंहुचे उससे लगता है कि चुनावी मौसम में सरकार भी चाहती है कि अनशन पर बैठे संत जल्द ही अपना अनशन खत्म कर दें. मगर मातृ सदन ने उन्हें भी बैरंग लौटाकर सरकार को भी झटका दे दिया है.


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