आप यहां हैं : होम» राज्य

प्रवासी भारतीयों को भायेगा यह मधुर संगीत

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Oct 21 2018 2:34PM
vaaraansi_20181021143457.jpg

वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं. प्रवासी भारतीय दिवस का शंखनाद होने के बाद 100 दिन के काउंटडाउन में अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों को आयोजित किया जा रहा है. जिसमें कलाकारों का एक बहुत ही रोचक ग्रुप बनाकर सिंफनी नाद कार्यक्रम भी शनिवार देर रात आयोजित किया गया. गौरतलब है कि इस विश्वस्तरीय आयोजन की ज़िम्मेदारी काशी को मिली है और यह कार्यक्रम जनवरी में शुरू होना है. अधिकारी चाहते हैं कि 21 से 23 जनवरी, 2019 तक वाराणसी में होने वाले 15 वें प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम सरकारी न होकर काशीवासियों का हो और इसीलिए पूरी दुनिया को जोड़ने वाले हर उस कार्यक्रम को कराने की जिम्मेदारी काशी ने ली है. जिसमें दुनिया के हर कोने से अलग-अलग तरह के कलाकार आकर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं.

काशी दिल खोल कर विदेशी मेहमानों की मेहमान नवाजी कर रहा है. जनवरी महीने में वाराणसी में आयोजित 15 वें प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से अस्सी घाट पर कार्यक्रम का विधिवत आगाज हो चुका है और कलाकारों का समूह आजकल अक्सर ही बनारस की गलियों में मिल जाता है. जो कि दुनिया के हर एक कोने से इकट्ठा हुए हैं. अपनी संस्कृति और कला का नमूना बनारस में पेश करने के लिए. इसी क्रम में सिंफनी नाद में कलाकारों ने अपनी कला अस्सी घाट पर काशी वासियों के सामने प्रस्तुत की. इस ग्रुप में रामानंद सागर की मशहूर रामायण के लिए तबला बजा चुके पंडित अशोक पांडे तबले पर मौजूद थे तो साथ ही विदेशों से आए कई आर्टिस्ट अलग अलग यंत्रों से धुन निकाल कर काशी वासियों का मनोरंजन करते रहे. पंडित सुखदेव मिश्रा जहां वायलिन से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे थे, बार्सिलोना से आए हुए मनु ओम ने गायन और गिटार की जिम्मेदारी संभाली हुई थी. अपनी मीठी आवाज से भारत वासियों को अपना बनाने के लिए स्पेन से एना लोपेज़ ने आकर गायन की धुनों को अपनी आवाज से सजाया.

कार्यक्रम में भारत की संस्कृति को अपनाए हुए विदेशियों ने भी कला का एक अद्भुत नजारा दर्शकों को दिखाया और साथ ही शास्त्रीय संगीत जैसी भारत की धरोहरों को दुनिया भर के कलाकारों ने सबके सामने रखकर वाहवाही लूटी. पंडित अशोक पांडे का कहना है कि सभी साथ आए हुए कलाकार वासुदेव कुटुंबकम में विश्वास रखते हैं, और पूरी दुनिया में यह साबित करना चाहते हैं कि यह पूरा संसार एक परिवार है. यहां कोई भी किसी से अलग नहीं है. इस ग्रुप की खासियत यही है कि यह हर तरह के संगीत को एक साथ लेकर आता है चाहे वह कीर्तन हो, डिवोशनल हो, फ्यूजन हो, बॉलीवुड हो, पॉप हो, या दुनिया का कोई भी संगीत हो हर तरह के गायन को एक साथ लेकर आना इस बैंड की खासियत है और दुनिया भर के लोग इस ग्रुप के द्वारा संसार की अलग अलग तरह की संस्कृति से रूबरू होते हैं.


देश-दुनिया की अन्य खबरों और लगातार अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें। आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं।