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मासूम की मौत का सबब बन गई दो बूँद ज़िन्दगी की

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Mar 14 2019 1:20PM
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बांदा. सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगातार सवाल खड़े होते आ रहे हैं. एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली. मामला बांदा के शम्भू नगर का है. जहां पोलियो मुक्त भारत को लेकर लगभग एक दशक से अधिक समय से चल रहे टीकाकरण अभियान के दौरान पोलियो की दवा पीने के बाद एक बच्ची की मौत हो गई.

परिजनों का आरोप है कि दवा पीने के बाद मासूम इशिता की तबियत बिगड़ने लगी. वे आनन-फानन में उसे लेकर अस्पताल पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही को लेकर परिजनों में काफी आक्रोश है.

वहीं प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत डॉक्टरों का एक पैनल गठित कर मृतक बच्ची का पोस्टमार्टम कर जांच रिपोर्ट मांगी है. इस बाबत डीएम का कहना है कि मामले की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

पोलियो मुक्त भारत को लेकर लगभग एक दशक से अधिक समय से चल रहे टीकाकरण अभियान पर आज उस समय बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया जब पोलियो की दवा पीने के बाद एक बच्ची की मौत हो गयी. मामला बाँदा के सम्भू नगर का है जहां आज डोर टू डोर अभियान के तहत पल्स पोलियो की दवा पिलाने आयी थी. इसी दौरान उन्होंने सूर्य कुमार शुक्ला की 9 महीने की बेटी इशिता को भी पोलियो की दवा पिलाई. परिजनों का आरोप है कि दवा पीने के बाद इशिता की तबियत बिगड़ने लगी. वे आनन-फानन में उसे लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया.


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