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तिरंगे में लिपटकर अपने घरों पर लौट रहे हैं वीर

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Feb 16 2019 1:11PM
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नयी दिल्ली. पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद सीआरपीएफ जवानों के क्षत-विक्षत शव उनके घरों पर पहुँचने लगे हैं. इस हमले ने पूरे देश को ज़ख्म दिए हैं. उत्तर प्रदेश ने भी अपने 12 जवानों को खोया है. अजीत कुमार आजाद का भी पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव उन्नाव पहुंच चुका है. सेना के डीआईजी आरएस चौहान उनके पार्थिव शरीर को लेकर पहुंचे हैं. बेटे का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया है. मां का रो-रोकर बुरा हाल है. मां ने कहा कि मेरा बेटा घर से खड़े होकर गया था और अब वह लेटे हुए आया है. भारत सरकार को इसका बदला लेना चाहिए.

पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवान अजीत कुमार आजाद के पार्थिव शव को उनके घर उन्नाव के लोक नगर लेकर सेना के डीआईजी आर.एस. चौहान लेकर पहुँचे. पत्नी और बच्ची सभी बेसुध हैं. लोगों का लगा जमावड़ा, हर तरफ मातम ही मातम.

हरदोई के सान्डी कस्बे में शहीद जवानों को लोगों ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी, और पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कई किलोमीटर का लंबा कैंडल मार्च निकाला. हाथ में कैंडल और तिरंगा लेकर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी. आक्रोशित लोगों ने कैंडल मार्च निकालते हुए पीएम से बदला लेने की अपील करते हुए कहा कि जवानों का दर्द बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पाकिस्तान को उसकी इस कायराना हरकत का जवाब जरूर देना होगा.

शामली में दोनों शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए साध्वी प्राची पहुंची. उन्होंने शहीद के परिजनों से मिलकर उनको ढांढस बंधाया. उन्होंने कहा कि चुनाव की तारीख से पहले युद्ध की तारीख तय होगी. देश के नक्शे से पाकिस्तान मिट जाना चाहिए. साध्वी ने कहा कि भारी मात्रा में आरडीएक्स पहुंचा है तो कहीं न कहीं पहले से योजना का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि पुलवामा आतंकी हमला सिद्धू जैसे लोगों के गले मिलने की देन है.

ललितपुर में भी हजारों लोगों ने शहीद सैनिकों की शहादत में अपने-अपने अंदाज में पाकिस्तान की आतंकी नीतियों का विरोध किया. ललितपुर में लोगों ने कैंडिल मार्च निकालकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी. तो कहीं पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए गए. साथ ही आक्रोशित लोगों ने पाकिस्तान में घुसकर चुन-चुन कर आतंकियों को मार गिराने की बात कही. कई जगहों पर लोगों ने पाकिस्तान के झंडे और आतंकवाद का पुतला फूंक कर अपना आक्रोश दिखाया. जिले की हर तहसील और ग्रामीण स्तर तक देर रात तक आक्रोशित लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी की.

पुलवामा हमले में शहीद हुए आगरा के लाल कौशल कुमार रावत का पार्थिव शरीर भी उनके पैतृक गांव पहुंच गया है. सुबह जैसे ही गांव में पार्थिव शरीर पहुंचा तो आक्रोशित लोगों ने जमकर पाकिस्तान मुर्दाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाए. कौशल कुमार रावत के पार्थिव शरीर को लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रख दिया गया है. शहीद के पार्थिव शरीर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. जाबांज शहीद की अंतिम यात्रा में गांव के लोग छतों से फूलों की बारिश करेंगे. उनका उनके घर के पास ही अंतिम संस्कार किया जाएगा.

पुलवामा आतंकी हमले में मैनपुरी जिले के बरनाहल के बिनायकपुर निवासी सीआरपीए जवान रामवकील (45) भी शहीद हुए हैं. सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है. परिजन विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि अभी तीन दिन पूर्व ही तो छुट्टि‍यों से वे वापस गए थे. और अब उनके शहीद होने की खबर मिली है. परिजन गहरे शोक में हैं. वे वर्ष 2000 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे. रामवकील के पिता की बीमारी से कई वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है. रामवकील दो भाई हैं. बड़े भाई रामनरेश गांव मे ही टेलर की दुकान करते हैं. वर्तमान में रामवकील के परिजन इटावा में रह रहे हैं.

रामवकील की वर्तमान में तैनाती श्रीनगर में थी. रामवकील 10 दिन के लिए छुट्टी लेकर घर आये थे. 11 फरवरी को ही ड्यूटी ज्वाइन करने श्रीनगर गए थे. रामवकील के भतीजे ने बताया कि देर रात अधिकारियों ने फोन पर परिजनों को सूचना दी. सूचना मिलते ही घर में कोहराम मच गया. शहीद का शव अभी गांव नहीं पहुंचा है.

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए शामली के प्रदीप और अमित के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुँच चुके हैं. पूरे राजकीय मान सम्मान के साथ प्रदीप और अमित दोनों जवानों का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

यूपी सरकार में मंत्री सुरेश राणा और बीजेपी विधायक तेंजिदर निर्वाल ने शहीदों के परिजनों से मिलकर उनको सांत्वना दी. वहीं मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि हर एक जवान की मौत का बदला लिया जाएगा. शहीदों की शहादत को यूं ही व्यर्थ नहीं जाने दी जायेगी. गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि ये बहुत ही कायराना हमला हुआ है और हर शहीद के एक एक खून के कतरे का बदला लिया जाएगा.

मैनपुरी में पकिस्तान के खिलाफ बच्चों के भी विरोध के स्वर तेज हो गए हैं. स्कूली बच्चो ने जहां पाकिस्तान का पुतला फूंककर जमकर नारेबाजी की और कैंडिल जलाकर विरोध प्रदर्शन किया, और उन्होंने देश के प्रधानमन्त्री से कहा कि अब विकास की बात छोड़ो और पाकिस्तान से अपने देश में शहीद जवानों की शहादत का बदला लो.

देवरिया में सुभाष चौक पर विभिन्न संगठनों ने कैंडल जला कर शहीद विजय कुमार मौर्य को अपनी श्रद्धांजलि दी. भारतीय जनता पार्टी ने जिला पंचायत सभागार में प्रभारी मंत्री अनुपमा जायसवाल के नेतृत्व में सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया. सभा के बाद सभी कार्यकर्ता एवं अधिकारी प्रभारी मंत्री के नेतृत्व में कैंडल मार्च निकाल कर सुभाष चौक पर समाप्त की. जिसमें कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

जम्मू-कश्मीर में अब तक के सबसे बड़े आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ के 44 जवानों के शहीद होने के बाद पूरे देश के लोगों में गुस्से का उबाल देखा जा रहा है. पाक प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक और पाक को सबक सिखाने की मांग सरकार से हो रही है. एटा में शहीदों को नमन करते हुए स्कूली छात्र-छात्राओं ने भावभीनी श्रद्धांजली देते हुए शांति मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट पहुंचकर विद्यालय प्रबन्ध कमेटी के लोगों ने राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. अपना आक्रोश व्यक्त वयक्त करते हुए छात्र-छात्राओं ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए सरकार से पाकिस्तान की कायराना हरकत के लिए कड़ी कार्रवाई करने की मांग की.

पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को देश भर में श्रद्धांजलि देने का क्रम जारी है. बदायूँ में भी कछला गंगा घाट पर नियमित गंगा आरती से पहले मौजूद श्रद्धालुओं ने शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धाजंलि अर्पित की. गंगा आरती में उपस्थित लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर 2 मिनट का मौन रखा और उसके बाद गंगा तट पर कैंडिल लगाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और शहीद जवानों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की. इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए.

पुलवामा में गुरुवार को आतंकवादियों के फिदायीन हमले में प्रयागराज के मेजा निवासी महेश कुमार यादव भी शहीद हो गए थे. महेश कुमार यादव का पार्थिव शरीर शुक्रवार रात प्रयागराज पहुंचा. इसके बाद प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर एडीजी एसएन साबत ने शहीद महेश कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की. महेश यादव का पार्थिव शरीर आज मेजा गांव पहुंचेगा. गांव वालों का कहना है कि शहीद महेश सिर्फ अपने परिवार ही नहीं समाज के लिए जीते थे, और हर किसी की मदद करना उनके स्वभाव में था. ग्रामीण चाहते हैं कि शहादत का बदला पाकिस्तान से ऐसे तरीके से लिया जाए जिससे कि दहशतगर्द दोबारा ऐसा कोई हमला करने से भी डरे.

पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद मोहन लाल रतूड़ी के देहरादून के कांवली रोड स्थित घर के बाहर लोगों की भीड़ सुबह से ही जुटनी शुरू हो गयी थी. जिसे खबर लगी हर कोई शहीद के परिवार को सांत्वना देने पहुँच रहा था. शहीद के परिवार पर तो मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो. शहीद के बेटे राम और दामाद सर्वेश ग़मज़दा थे.  बेटा राम तो कुछ भी बोलने की हालत में नहीं था. दामाद सर्वेश नौटियाल ने ही मीडिया से बातचीत की और परिवार के साथ ही शहीद मोहनलाल के बारे में जानकारी दी. शहीद के परिवार में पत्नी और 5 बच्चे हैं. जिनमें 2 बेटे और 3 लड़की हैं.

कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों की बस पर हुए आतंकी हमले के बाद देश में पाकिस्तान और आंतकवादियों के खिलाफ भारी आक्रोष व्याप्त है. जिसको लेकर पूरे देश में लोगों द्वारा पुतला फूंक और नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया जा रहा है. वह देश की सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहा है. वहीं मसूरी में भी आंतकी हमले के विरोध में शुक्रवार को गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मसूरी अध्यक्ष सतीष ढौंडियाल के नेतृत्व में पाकिस्तान का पुतला जलाया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पाकिस्तान पर कार्रवाई करने की मांग की. जिससे आतंकवाद की जड़ को ही खत्म कर दिया जाये.

राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने एटा में कहा कि पुलवामा की घटना से पूरे देश में गुस्सा है, और देश की भावना है कि प्रधानमंत्री व गृहमंत्री इसका बदला लें. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए 44 जवानों की शहादत के बाद पूरे देश में जहॉं लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है. अपने दो दिवसीय दौरे पर एटा पहुंचे कल्याण सिंह ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री ने जो संकेत दिया है उससे पता चलता है कि वो शहीदों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे. उन्होंने कहा कि एक बार सर्जिकल स्ट्राइक हो चुकी है और अबकी बार और हो जाएगी.

शहीदों की शहादत का मंजर देख शायद कोई विरला ही हो जिसकी आंखे नम न हुई हों. बुंदेलखंड का बाँदा भी रोया. कैंडिल मार्च, पुतला दहन तो मात्र अभिव्यक्ति का एक साधन था. हर जुबां पर बस एक ही शब्द था वह है बदला.

बाँदा के अशोक लाट पर वकीलों, पूर्व फौजियों और पत्रकारों ने जलते हुए दिलों से कैंडिल जलाई. माहेश्वरी देवी चौराहे पर खिलाड़ियों, व्यापारियों ने रुंधे हुए गले से श्रद्धांजलि दी. मेडिकल कालेज में खोने की तपिश लिए हुए छात्र छात्राओं ने नमन किया. पुलवामा में 44 परिवारों ने न सिर्फ अपने बेटे खोए बल्कि पूरे भारत ने अपने वीर सेनानी खोए हैं. लोंगो ने शहादत को तो नमन किया पर आतंकियों के लिए एक ही जवाब बुंदेलखंड से लेकर कन्याकुमारी तक मिला, वह है बदला.


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