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मिड डे मील में दाल के नाम पर मिल रहा दाल का पानी

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: May 26 2019 4:51PM
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रुड़की. माधोपुर प्राथमिक विद्यालय में बच्चो के मिड डे मिल में घोटाले का मामला सामने आया है. जहां एक अभिभावक ने स्कूलों में दिए जाने वाले मिड डे मिल की पोल खोलकर रख दी है. शिक्षा विभाग की लापरवाही का ये मामला माधोपुर के सरकारी स्कूल का है. जहां स्कूल में पढ़ने वाले बच्चो को खाने में दाल के नाम पर सिर्फ पानी दिया जा रहा है.

भोजन माता से जब इसके बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि करीब सौ बच्चों का खाना तैयार किया जाता है. जहां सिर्फ डेढ़ किलो दाल ही मिलती है. जिससे पानी में दाल काफी ढूंढने पर ही मिलती है. स्कूल पहुंचे एक पिता ने दाल और भोजन माता सहित एक शिक्षिका का वीडियो बनाया जो सरकारी स्कूलों में बच्चों के खाने के नाम पर बड़े घोटाले की ताजा मिसाल है.

हमारे देश में भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी मजबूत हो चुकी हैं, यह तब देखने को मिलता है जब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे छोटे बच्चो के निवाले पर भी उनको शिक्षा देने वाले शिक्षक टेढ़ी नजर रखते हैं.

100 बच्चो के लिए डेढ़ किलो दाल बनाई जाती है इसीलिये पानी ज्यादा डाला जाता है. दाल जैसे इस पानी में दाल बिलकुल भी दिखाई नहीं देती है और बच्चे दाल जैसे दिखने वाले इस पानी को ही चावलों में डालकर खाने को मजबूर हो रहे हैं. स्कूल पहुंचे एक पिता ने दाल और भोजन माता सहित एक शिक्षिका का वीडियो बनाया है जो अब वायरल हो रहा है. मामला 21 मई का है. माधोपुर निवासी अरविन्द नाम का एक पिता जब अचानक से स्कूल पहुंचा और बच्चो को दी जा रही इस दाल को देखा तो वह भड़क गया. उसने अपने फोन से दाल की वीडियो बनानी शुरू कर दी वीडियो में सुनाई देता है वो भोजन माता से पूछ रहा है कि आज कितनी दाल बनाई गई है. भोजन माता कहती है की आज छह गिलास दाल बनाई गई है एक गिलास में 250 ग्राम दाल आती है इतने में एक टीचर वीडियो बना रहे पिता के पास पहुंचती है और अरविन्द को कहने लगी है कि स्कूल में आज प्रधानाचार्य नहीं हैं. आप बाद में आना. अरविन्द वीडियो बनाना जारी रखता है तो शिक्षिका अपना चेहरा छुपाते हुए वहां से निकल जाती हैं. तभी दूसरी शिक्षिका वहां पहुँचती है और अरविन्द से मामले की जानकारी लेती है अरविन्द जब कहता है की बच्चो को दाल की जगह पानी दिया जा रहा है तो शिक्षिका भड़क जाती है और कहती है की तुमको किसने बताया की डेढ़ किलो दाल बनाई गई है.

अरविन्द ने शिक्षिका को बताया कि भोजन माता का कहना है कि आज डेढ़ किलो दाल बनाई गई है. तो इतने में शिक्षिका भोजन माता को अनपढ़ और चोर होने का आरोप लगाने लगती है. तभी दाल से भरा एक अलग बर्तन वीडियो में दिखाई जिसके बारे में वीडियो में सुनाई दे रहा है की यह दाल पहले से ही निकाल ली गई है. जब भोजन माता से अलग निकाली गई दाल के बारे में पूछा जाता है तो वो सफाई देते हुए कहती है की यह दाल भी बच्चो के लिए ही निकाली गई है. वीडियो को देखकर लगता है की सरकारी स्कूलों की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो चुकी है.

मिड डे मील की बात करें तो एक तो पहले से ही दाल कम बनाई गई फिर भोजन माता के द्वारा उसमें से भी चोरी कर ली गई. बच्चो को मिल रहा है तो सिर्फ पानी हमने वीडियो में दिखाई दे रही शिक्षिका से बात की तो उनका कहना था की यह वीडियो एक पिता के द्वारा बनाया गया था. उस दिन स्कूल में करीब 145 बच्चे आये थे. वीडियो के बारे में हमने कई बार उप खण्ड शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेनी चाही लेकिन उनसे मुलाक़ात नहीं हो पाई. वीडियो बनाने वाले अरविन्द ने का बताया कि जिस तरह की दाल बच्चो को दी जा रही है उससे बच्चो की तबियत कभी भी खराब हो सकती है. इसीलिए जानकारी मिलने पर वो स्कूल पहुंचे थे और वीडियो बनाई थी.


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