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जगदीशिला डोली का पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत

Reported by nationalvoice , Edited by shabahat.vijeta , Last Updated: Jun 6 2019 3:33PM
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रुद्रप्रयाग. बीस सालों से विश्व शांति को लेकर निकाली जा रही जगदीशिला यात्रा जगदीशिला डोली का भक्तों ने पुष्पों की वर्षा से स्वागत किया. पूर्व शिक्षा मंत्री की देखरेख में निकाली जा रही यात्रा रथ बृहस्पतिवार को कालीमठ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद अगले पड़ाव को प्रस्थान करेगी.

विश्व शांति की कामना को लेकर टिहरी जिले के 11 गांव हिंदाव से निकली जगदीशिला डोली रथ का रुद्रप्रयाग मुख्यालय पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने फूल अक्षत से भव्य स्वागत किया. विगत 20 वर्षों से जगदीशिला डोली की रथ यात्रा निकाली जा रही है, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल होकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं. रात्रि विश्राम के लिए डोली कालीमठ मंदिर में पहुंची. वहीं इस बार जिले के जखोली ब्लाक अन्तर्गत बजीरा लस्या की मां भगवती शिवदेई की डोली जगदीशिला की डोली के साथ चल रही है. डोली रथ यात्रा का समापन 12 जून को गंगा दशहरा पर्व पर किया जाएगा.

बीती 17 मई को टिहरी जिले के 11 गांव हिंदाव के आराध्य देव विश्वनाथ जगदीशिला की डोली रथ यात्रा का शुभारंभ हआ था. 26 दिवसीय इस रथ यात्रा की आगवानी यात्रा के संयोजक पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी कर रहे हैं. जगदीशिला की रथ यात्रा ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भ्रमण करने के उपरान्त मंगलवार को रात्रि विश्राम के लिए सर्किट हाउस पौड़ी पहुंची थी. बुधवार की सुबह भगवान की डोली की भव्य पूजा अर्चना कर भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया, जिसके बाद डोली ने प्रस्थान कर खिर्सू, देवलगढ, खांकरा, नरकोटा होते हुए जिला मुख्यालय पहुंची, जहां यात्रा में चल रहे भक्तों ने एक होटल में भोजन करने के उपरान्त फिर डोली तिलवाडा, अगस्त्यमुनि, चन्द्रापुरी, भीरी, ओंकोरेश्वर मंदिर ऊखीमठ होते हुए रात्रि विश्राम के लिए डोली कालीमठ मंदिर पहुंची. इस दौरान डोली रथ यात्रा का विभिन्न स्थानों पर जोरदार स्वागत हुआ. भक्तों ने जगदीशिला डोली से अपने परिवार की सुख समृद्धि का आशीर्वाद भी लिया.

छह जून को डोली कालीमठ से प्रस्थान कर रात्रि विश्राम के लिए नागेन्द्र देवता मंदिर बजीरा पहुंचेगी. इस अवसर पर यात्रा के संयोजक पूर्व मंत्री श्री नैथानी ने कहा कि उत्तराखंड में 20 वीं बार इस यात्रा का सफल आयोजन किया जा रहा है. यात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति की कामना, हजार धाम चिन्हीकरण, पर्यावरण का संरक्षण-संवर्द्धन एवं बंजर भूमि को उपयोगी बनाने के लिए उद्यानीकरण व जड़ी बूटी प्रोत्साहन, संस्कृत भाषा का उन्नयन, पवित्र धामों से प्लास्टिक एवं पालीथीन प्रतिबंध के लिए जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि डोली विभिन्न पड़ावों पर भक्तों को दर्शन देकर आगे बढ़ रही है. गंगा दशहरा यानी 12 जून को इस यात्रा का समापन किया जाएगा.


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